साप्ताहिक समीक्षा- जीरा

19-Apr-2025 08:16 PM

जीरा कीमतों में गिरावट मगर अधिक मंदा नहीं 

नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान जीरा कीमतों में गिरावट का दौर रहा। क्योंकि प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात के अलावा राजस्थान की मंडियों में भी नए जीरे की दैनिक आवक अच्छी रही इसके अलावा निर्यात मांग सीमित रही। जिस कारण से हाजिर एवं वायदा में जीरे के भाव मंदे के साथ बोले गए। वायदा में अप्रैल का भाव 24320 रुपए खुलने के पश्चात सप्ताह के अंत में 23780 रुपए बंद हुआ। जबकि मई माह का जीरा 24650 रुपए, खुलने के पश्चात 24005 रुपए पर बंद हुआ है। वायदा के मंदे समाचारों के चलते हाजिर बाजारों में भी जीरे की कीमतें 500/700 रुपए प्रति क्विंटल मंदे के साथ बोली गई। 
आवक 
हालंकि प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात की मंडियों में जीरे की दैनिक आवक घटने लगी है लेकिन राजस्थान की मंडियों में आवक अच्छी चल रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार राजस्थान की मेड़ता मंडी में आवक 15/16 हजार बोरी एवं नागौर में आवक 4/5 हजार बोरी की हो रही है। जबकि नोखा में  आवक 2/3 हजार बोरी एवं जोधपुर में आवक 3/4 हजार बोरी की हो रही है। गुजरात की ऊंझा मंडी में आवक घटकर 22/25 हजार बोरी की रह गई है जबकि गोंडल एवं राजकोट के अलावा अन्य मंडियों में भी आवक घट रही है वर्तमान में गुजरात की मंडियों में जीरे की दैनिक आवक लगभग 50/55 हजार बोरी की हो है जोकि मार्च में 1 लाख बोरी से अधिक की हो रही थी। 
उत्पादन कम  
गत सीजन में उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य न मिलने के कारण उत्पादक केन्द्रों पर जीरे की बिजाई गत वर्ष के 12.64 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 11.71 लाख हेक्टेयर पर की गई। उल्लेखनीय है कि बिजाई के समय तापमान अधिक होने के कारण जीरा बिजाई में लगभग 20/25 दिन का विलम्ब हुआ था। वर्तमान में भी कटाई के समय तापमान अधिक होने से राजस्थान में प्रति हेक्टेयर उत्पादकता घटने के समाचार मिल रहे हैं। जिस कारण से चालू सीजन के दौरान देश में जीरा उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कम रहने के समाचार है। सूत्रों का कहना है कि चालू सीजन के दौरान देश में जीरा उत्पादन 90/92 लाख बोरी के आसपस रहेगा। जबकि गत वर्ष उत्पादन 1.10 करोड़ बोरी का माना गया था। सूत्रों का मानना है कि चालू सीजन के दौरान राजस्थान में जीरा उत्पादन 48/50 लाख बोरी एवं गुजरात 40/42 लाख बोरी के आसपास होने की संभावना है। 
मंदा-तेजी 
वर्तमान में जीरे के दाम मंदे के साथ बोले जा रहे हैं। लेकिन उत्पादक केन्द्रों पर घटती आवक के कारण कीमतों में अधिक मंदे की संभावना नहीं है। निर्यातकों के साथ-साथ लोकल मांग भी कमजोर बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि चालू सप्ताह के शुरू में जीरा निर्यात का भाव 5075 रुपए प्रति 20 किलो बोला जा रहा था जोकि कमजोर मांग के चलते सप्ताह के अंत में घटकर 4780 रुपए पर आ गया है। सूत्रों का कहना है कि अभी बाजार में तेजी की संभावना नहीं है। कीमतों में अभी 100/200 रुपए की गिरावट आ सकती है। लेकिन मई माह के दौरान कीमतों में सुधार बनना शुरू हो गया। और टर्की-सीरिया की फसल आने तक बाजार मजबूत बने रहेंगे। उल्लेखनीय है कि टर्की-सीरिया की फसल जून-जुलाई माह में आती है। सुना गया है कि इस वर्ष विदेशों में भी जीरा उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कम रहने के समाचार है। 
निर्यात अधिक 
वित्त वर्ष 2024-25 के प्रथम नौ माह में जीरा निर्यात में शानदार 67 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-दिसम्बर - 2024 में जीरा निर्यात 178846.56 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 4909 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-दिसम्बर - 2023 में जीरा निर्यात 106905 टन का किया गया था। और प्राप्त आय 4034 करोड़ की रही। निर्यात 67 प्रतिशत बढ़ने के साथ-साथ आय में भी 22 प्रतिशत का इजाफा हुआ। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023-24 के दौरान जीरा का कुल निर्यात 165269 टन का हुआ था।