साप्ताहिक समीक्षा-जीरा
30-Aug-2025 07:48 PM
जीरे की वर्तमान कीमतों में मंदे की संभावना नहीं
नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान जीरे की कीमतों में गिरावट रही लेकिन सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में भाव अपने न्यूनतम स्तर पर आ गए हैं। वर्तमान भावों में अब मंदे की संभावना नहीं है। क्योंकि एक ओर जहां मंडियों में आवक कम रह गई है। वहीं दूसरी तरफ सितम्बर माह के दौरान निर्यात मांग में भी सुधार होगा। व्यापारियों का मानना है कि टर्की, सीरिया की अधिकांश फसल की सप्लाई हो जाने के कारण आगामी दिनों में अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में विदेशी जीरे की सप्लाई घटने लगेगी। जिस कारण से भारतीय जीरे में सुधार होगा।
चालू सीजन के दौरान देश में ही नहीं अपितु विदेशों से भी जीरे का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कम होने के समाचार है। व्यापारिक सूत्रों का मानना है कि इस वर्ष चीनी में जीरा उत्पादन लगभग 75/80 हजार टन होने के अनुमान है। जबकि सीरिया में उत्पादन 9/10 हजार टन एवं टर्की में उत्पादन 10/11 हजार टन होने के समाचार है। अफगानिस्तान में भी उत्पादन 10/12 हजर टन माना जा रहा है। भारत में भी इस वर्ष जीरा उत्पादन 90/95 लाख बोरी माना जा रहा है जोकि गत वर्ष की तुलना में लगभग 15/18 लाख बोरी कम है।
आवक
कुल उत्पादन का अधिकांश माल मंडियों में आ जाने के कारण मंडियों में किसानी माल की आवक घटनी शुरू हो गई है। सूत्रों का मानना है कि अभी तक गुजरात की मंडियों में जीरे की कुल आवक 38/39 लाख बोरी की हो चुकी है। जबकि कुल उत्पादन 44/45 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए गए थे। राजस्थान में चालू सीजन के दौरान जीरे की पैदावार 48/50 लाख बोरी की मानी गई है और अभी तक कुल आवक 28/30 लाख बोरी होने के समाचार है। वर्तमान में प्रमुख मंडी ऊंझा में जीरे की दैनिक आवक 7/8 हजार बोरी की हो रही। जबकि राजस्थान की मेड़ता एवं नागौर मंडी में आवक 1000/1200 बोरी की चल रही है।
मन्दा-तेजी
जानकार सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में जीरे का निर्यात भाव 3900 रुपए प्रति 20 किलो चल रहा है। वर्तमान भावों में अब मंदे के आसार नहीं हैं। आगामी दिनों में निर्यात मांग निकलने पर कीमतों में तेजी संभव है। सूत्रों का मानना है कि सितम्बर माह के दौरान जीरे का निर्यात भाव 4000 रुपए का स्तर पार कर जाएगा। चालू सप्ताह के दौरान हाजिर एवं वायदा बाजार में जीरे के भाव मंदे के साथ बोले गए। उत्पादक केन्द्रों की मंडियों सहित खपत केन्द्रों पर चालू सप्ताह के दौरान जीरे के भाव 200/300 रुपए प्रति क्विंटल मंदे रहे। वायदा बाजार में भी भाव मंदे के साथ बंद हुआ। वायदा में सितम्बर माह का जीरा 19640 रुपए खुला था जोकि सप्ताह के अंत में 19290 रुपए पर बंद हुआ। अक्टूबर माह का जीरा सप्ताह के अंत में 19475 रुपए पर बंद हुआ जबकि सप्ताह के शुरू में भाव 19980 रुपए पर खुला।
निर्यात
कमजोर निर्यात मांग के चलते चालू सीजन 2025-26 के प्रथम तीन माह में जीरा निर्यात में 19 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निर्यात भाव कम होने के कारण आय में 28 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार अप्रैल-जून - 2025 के दौरान जीरा निर्यात 62860.74 टन का हुआ और निर्यात से प्राप्त आय 1514.61 करोड़ रुपए की रही। जबकि अप्रैल-जून-2024 में जीरा निर्यात 78086.27 टन टन का हुआ था और निर्यात से प्राप्त आया 2097.47 करोड़ की रही थी।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान जीरे का निर्यात 229881.67 टन का हुआ था और निर्यात से प्राप्त आय 6178.86 करोड़ की हुई थी। वर्ष 2023-24 में निर्यात 165269.45 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 5797.23 करोड़ रुपए की रही।
