साप्ताहिक समीक्षा-लालमिर्च
13-Sep-2025 07:44 PM
ऊंचे भावों पर मांग घटने से लालमिर्च नरम
नई दिल्ली। वर्तमान में लालमिर्च में निर्यातकों की लिवाली सीमित रह जाने के कारण लालमिर्च के भाव नरमी के साथ बोले जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि विगत एक माह के दौरान लालमिर्च के भाव 10/12 रुपए प्रति किलो बढ़ जाने के पश्चात मांग प्रभावित हो रही है। उल्लेखनीय है कि आई ग्रेन इंडिया ने अपने 9 अगस्त के अंक में लिखा था कि निर्यातकों की लिवाली बढ़ने पर लालमिर्च के दामों में 8/10 रुपए प्रति किलो की तेजी संभव है। उस समय गुंटूर मंडी में लालमिर्च तेजा का भाव 138/140 रुपए प्रति किलो चल रहे थे। जोकि चालू माह के शुरू में 152/153 रुपए प्रति किलो बन गए थे जबकि मांग प्रभावित होने के कारण वर्तमान में भाव 146/148 रुपए बोले जा रहे हैं।
बिजाई कम
जानकार सूत्रों का कहना है कि उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य न मिलने के करने दूसरे वर्ष भी देश में लालमिर्च की बिजाई का क्षेत्र 30/35 प्रतिशत कम रहने के समाचार है। उत्पादक केन्द्रों पर बिजाई का कार्य पूर्ण है। चुका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश में नई लालमिर्च का शुभारम्भ चालू माह के अंत तक हो जाएगा। जबकि आवक का दबाव अक्टूबर माह में बनेगा। मध्य प्रदेश में इस वर्ष बिजाई 30/40 प्रतिशत कम क्षेत्रफल पर की गई है जबकि आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में 30/35 प्रतिशत बिजाई घटने के समाचार मिल रहे हैं।
पैदावार
बिजाई क्षेत्रफल में कमी आने के कारण दूसरे वर्ष भी लालमिर्च का उत्पादन कम रहने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में मध्य प्रदेश में लालमिर्च का उत्पादन 40/42 लाख बोरी का रहा था जोकि वर्ष 2024 में घटकर 30/32 लाख बोरी का रह गया है। मध्य प्रदेश में अभी तक फसल की स्थिति अच्छी है। जिस कारण क्वालिटी अच्छी आने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। लेकिन बिजाई घटने के कारण उत्पादन में अवश्य ही गिरावट आएगी। चालू सीजन के दौरान आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में भी उत्पादन कम रहा था। जनवरी-फरवरी माह में आने वाली फसल भी गत वर्ष की तुलना में कम आने के अनुमान है। क्योंकि बिजाई कम हुई है।
स्टॉक
जानकार सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों पर अधिकांश स्टॉक हल्की क्वालिटी का है। अतः डीलक्स मालों की कीमतों में अधिक मंदे के आसार नहीं है। वर्तमान में आंध्र प्रदेश की मंडियों में लालमिर्च का स्टॉक 60/70 लाख बोरी माना जा रहा है। जबकि तेलंगाना की मंडियों में स्टॉक 35/40 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं।
मन्दा-तेजी
जानकार सूत्रों का कहना है कि हाल-फिलहाल कीमतों में अधिक मन्दा-तेजी की संभावना नहीं है। भाव 3/5 रुपए प्रति किलो मन्दा-तेजी के बीच ही घूमते रहेंगे। क्योंकि आगामी माह में मध्य प्रदेश की मंडियों में नए मालों की आवक शुरू हो जाएगी। इसके अलावा मंडियों में स्टॉक भी पर्याप्त है। जनवरी-फरवरी माह में आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में भी नए मालों की आवक शुरू होने लगेगी।
निर्यात
बांग्ला देश की बराबर मांग बनी रहने के कारण चालू सीजन 2025-26 की प्रथम तिमाही में लालमिर्च निर्यात में शानदार 94 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई जबकि आए में 43 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जून- 2025 के दौरान लालमिर्च का निर्यात 221029.28 टन लालमिर्च का निर्यात हुआ। और निर्यात से प्राप्त आय 3165.18 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-जून- 2024 में लालमिर्च का निर्यात 114108.95 टन का रहा और प्राप्त आय 2215.96 करोड़ की रही थी। वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान लालमिर्च का निर्यात 715506 टन का हुआ और निर्यात से प्राप्त आए 11404.90 करोड़ की रही। अभी तक के निर्यात प्रदर्शन को देखते हुए संभावना व्यक्त की जा रही है। वर्ष 2025-26 के दौरान लालमिर्च का निर्यात गत वर्ष की तुलना में अधिक रहेगा।
