साप्ताहिक समीक्षा-लालमिर्च

18-Jan-2025 08:15 PM

लालमिर्च की कीमतों में गिरावट : तेजी की संभावना नहीं  

नई दिल्ली । वर्तमान में लालमिर्च की कीमतें मंदी के साथ बोली जा रही है। हालांकि चालू सीजन के लिए उत्पादक केन्द्रों पर लालमिर्च की बिजाई घटने के कारण उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कमजोर माना जा रहा है लेकिन गत सीजन में रिकॉर्ड पैदावार के कारण मंडियों में पुराने मालों का स्टॉक अधिक है। जिस कारण से कीमतों में गिरावट बनी हुई है। 

उल्लेखनीय है कि आई ग्रेन इंडिया अपने पाठकों को समय-समय पर मंदा-तेजी से अवगत करता रहता है। आई ग्रेन इंडिया ने अपने 21 दिसम्बर के अंक में लिखा भी था कि गुंटूर मंडी में लालमिर्च तेजा का भाव 150/155 रुपए प्रति किलो बन जाने चाहिए और उस समय भाव 162/165 रुपए के चल रहे थे। वर्तमान हालात को देखते हुए आगामी दिनों में अभी बाजार 8/10 रुपए प्रति किलो ओर घटने के व्यापारिक अनुमान लगाए जा रहे हैं। खम्मम एवं वारंगल मंडी में भी नए मालों की आवक शुरू हो गई है। वर्तमान में गंटूर मंडी में नए मालों की आवक 35/40 हजार बोरी दैनिक की हो रही है। जबकि खम्मम एवं वारंगल में आवक 8/10 हजार बोरी की शुरू हो गई है। 

स्टॉक की अधिकता के कारण गुंटूर मंडी में कोल्ड के मालों की आवक भी 40/50 बोरी दैनिक की हो रही है और पुराने तेजा का भाव 140/145 रुपए बोला जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि प्रमुख मंडी में गुंटूर में लालमिर्च का स्टॉक गत वर्ष के 14-15 लाख बोरी के मुकाबल 28/30 लाख बोरी होने के समाचार है। जबकि वारंगल एवं खम्मम मंडी में स्टॉक 15/16 लाख बोरी माना जा रहा है। जबकि गत वर्ष इसी समयावधि में स्टॉक 7/8 लाख बोरी का माना गया था। कर्नाटक की मंडियों में भी स्टॉक गत वर्ष की तुलना में अधिक होने के समाचार मिल रहे हैं। वर्तमान में सभी उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर नए लालमिर्च की आवक शुरू हो गई है मगर सूखे मालों की आवक फरवरी माह में बढ़ेगी। 

उत्पादन कम 

प्रमुख उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश के अलावा तेलंगाना में भी बिजाई का क्षेत्रफल घटने के कारण इस वर्ष लालमिर्च का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कम रहने के समाचार हैं। जानकारों का मानना है कि इस वर्ष आंध्र प्रदेश में लालमिर्च का  उत्पादन डेढ़ करोड़ बोरी के आसपास रहेगा जबकि गत वर्ष उत्पादन दो करोड बोरी के आसपास रहा था। तेलंगाना में उत्पादन 55/60 लाख बोरी माना जा रहा है। गत वर्ष उत्पादन 75/80 लाख बोरी (प्रत्येक बोरी 40 किलो) का माना गया था।

भाव 

वर्तमान में गुंटूर मंडी में नए तेजा का भाव 150/152 रुपए प्रति किलो चल रहा है। अभी बाजार कुछ समय तक रुकने चाहिए क्योंकि वर्तमान में बाजार में रमजान की मांग निकलनी शुरू हो गई है। अभी निर्यातकों की मांग सीमित है क्योंकि नए मालों में नमी की मात्रा अधिक आ रही है चालू माह के अंत तक सूखे मालों की आवक शुरू हो जाएगी जिस कारण से फरवरी के शुरू में मांग अच्छी रहेगी। लेकिन रमजान की मांग समाप्त हो जाने के पश्चात कीमतों में गिरावट देखी जा रही है और गुंटूर मंडी में तेजा का भाव 140/145 रुपए बन सकता है। वर्तमान में वारंगल मंडी में लालमिर्च तेजा का भाव 145/148 रुपए बोला जा रहा है और नए मालों की आवक 8/10 हजार बोरी की दैनिक हो रही है। खम्मम मंडी में नए तेजा का भाव 154/155 रुपए चल रहा है।  

निर्यात 

गत वर्ष लालमिर्च का रिकॉर्ड उत्पादन होने के कारण लालमिर्च के भाव नीचे रहे। जिस कारण से लालमिर्च के निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि मात्रा में वृद्धि दर्ज की गई लेकिन कम कीमतें मिलने के कारण आय में गिरावट दर्ज की गई। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-अक्टूबर- 2024 में लालमिर्च का निर्यात 330512 टन का किया गया। और निर्यात पर प्राप्त आय 5397.72 करोड़ की रही। गत वर्ष अप्रैल-अक्टूबर- 2023 में लालमिर्च का निर्यात 304080 टन का रहा था। और 6251.49 करोड़ की आय प्राप्त हुई थी। वर्ष 2023-24 (अप्रैल-मार्च) लालमिर्च का रिकॉर्ड निर्यात 649815 टन का हुआ था।