साप्ताहिक समीक्षा-मसूर
20-Jun-2026 09:44 PM
कमजोर मांग से मसूर बाजार में नरमी, सीमित आवक से बड़ी गिरावट की आशंका कम
मुम्बई। चालू सप्ताह के दौरान मसूर बाजार में मंदी का माहौल बना रहा। मांग कमजोर रहने और बिकवाली का दबाव बढ़ने से मसूर की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। दाल मिलों की खरीदारी भी आवश्यकता आधारित रहने से बाजार को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पाया। उत्पादक क्षेत्रों की मंडियों में मसूर की आवक सामान्य से कम बनी हुई है, लेकिन मांग में अपेक्षित सुधार नहीं होने के कारण कीमतों पर दबाव बना हुआ है। उपभोक्ता स्तर पर सुस्त मांग के चलते दाल मिलें जरूरत के अनुसार ही खरीदारी कर रही हैं। बाजार जानकारों का कहना है कि वर्तमान में मसूर के भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे चल रहे हैं। इसके कारण किसान और स्टॉकिस्ट आक्रामक बिकवाली से बच रहे हैं, जिससे निचले स्तर पर बाजार को कुछ समर्थन मिल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार सीमित आवक और नियंत्रित स्टॉक की स्थिति को देखते हुए मसूर में बड़ी गिरावट की संभावना फिलहाल कम है। वहीं आगामी महीनों में दालों की मांग बढ़ने पर मसूर बाजार में फिर से मजबूती लौट सकती है। आयातकों की बिकवाली का दबाव बढ़ने व मांग सुस्त बनी रहने से आयातित मसूर की कीमतों में इस सप्ताह 50/75 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी। और इस गिरावट के साथ भाव मुंद्रा कनाडा भाव 5675/5725 रुपये, हजीरा 5700 रुपये, कंटेनर कनाडा 6050 रुपये तथा ऑस्ट्रेलिया मसूर 6050 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
कनाडा
कनाडा के प्रेयरीज क्षेत्र में मसूर की बुवाई पूरी हो चुकी है और अनुकूल मौसम के कारण फसल की स्थिति अच्छी बनी हुई है। बेहतर फसल संभावनाओं के चलते मसूर के भाव स्थिर हैं, लेकिन बाजार पर दबाव बढ़ने लगा है। वहीं भारत में कमजोर मानसून और अल नीनो के प्रभाव से खरीफ दलहन, विशेषकर तुवर उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में तुवर के विकल्प के रूप में मसूर के आयात की मांग बढ़ सकती है। उधर ऑस्ट्रेलिया में भी लाल मसूर का उत्पादन बढ़ने की संभावना है, क्योंकि बुवाई क्षेत्र में वृद्धि हुई है और मौसम भी अनुकूल बना हुआ है। इसके चलते आगामी महीनों में वैश्विक मसूर निर्यात बाजार में कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है। कनाडा में लाल और मोटी हरी मसूर के भाव फिलहाल लगभग समान स्तर पर बने हुए हैं।
दिल्ली
लिवाली सुस्त बनी बनी रहने से चालू साप्ताह के दौरान दिल्ली की कीमतों में 50/100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी और सप्ताहांत में भाव छोटी कोटा 7400 रुपए ,बूंदी 8200/8250 रुपए उत्तरप्रदेश 8600/8650 रुपए व देसी बड़ी 6700 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।
मध्य प्रदेश
ग्राहकी सुस्त बनी रहने से इस सप्ताह मध्य प्रदेश मसूर की कीमतों में इस साप्ताह 100/150 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी और भाव सप्ताहांत में भाव अशोकनगर 6000/6250 रुपए बीना 6000/6300 रुपए गंजबासोदा 5800/6100 रुपए सागर 6000/6300 रुपए दमोह 5800/6200 रुपए इंदौर 6200 रुपए करेली 4000/6330 रुपए व कटनी 6550/6600 रुपए प्रति क्विंटल रह गए।
उत्तर प्रदेश
मांग सुस्त पड़ने से चालू साप्ताह के दौरान उत्तर प्रदेश की छोटी मसूर की कीमतों में 100/200 रुपए व बड़ी मसूर में 50/100 रुपए प्रति क्विंटल की मंदी दर्ज की गयी और भाव सप्ताहांत में भाव बरेली छोटी 9900 रुपए मोटी 6750 रुपए ललितपुर मोटी 6200/6300 रुपए छोटी 8500/8800 रुपए व उरई 6000/6250 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी ।
अन्य
चौतरफा गिरावट के असर व मांग सुस्त बनी रहने बिहार मसूर की कीमतों में इस साप्ताह 50 रुपए प्रति क्विंटल की नरमी दर्ज की गयी और इस नरमी के साथ भाव सप्ताहांत में बाढ़ 6700 रुपए खुशरूपुर 6600 रुपए व मोकामा 6700 रुपए प्रति क्विंटल रह गए। इसी प्रकार रायपुर मसूर की कीमतों में भी इस साप्ताह 100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी और सप्ताहंत में भाव 6200 रुपए प्रति क्विंटल रह गए।
मसूर दाल
मसूर की गिरावट के असर व मांग कमजोर पड़ने से चालू साप्ताह के दौरान मसूर दाल की कीमतों में 50/100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी और सप्ताहांत में भाव इंदौर 7300/7400 रुपए बाढ़ 7500/7800 रुपए, खुशरुपुर 7400/7700 रुपए, मोकामा 750 0/7800 रुपए चंदौसी 8500 रुपए व हैदराबाद 7650 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।
