साप्ताहिक समीक्षा-सरसों

30-Nov-2024 07:13 PM

मिलर्स एवं व्यापारियों की सीमित मांग से सरसों का भाव कमजोर 

नई दिल्ली ।  तेल एवं ऑयल मील के दाम में गिरावट आने से सरसों की खरीद में तेल मिलर्स एवं व्यापारियों- स्टॉकिस्टों की दिलचस्पी कम होती जा रही है। दीपावली के बाद से सरसों तेल के दाम में स्थिरता या गिरावट का माहौल देखा जा रहा है। शीर्ष स्तर की तुलना में इसका भाव 10 रुपए प्रति किलो तक घट चुका है। 
42% कंडीशन सरसों  
22-28 नवम्बर वाले सप्ताह के दौरान 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का दाम दिल्ली में 50 रुपए गिरकर 6450 रुपए प्रति क्विंटल तथा जयपुर में 25 रुपए फिसलकर 6550/6575 रुपए प्रति क्विंटल रह गया।  
गुजरात / मध्य प्रदेश 
औसत क्वालिटी की सरसों गुजरात की डीसा एवं धनेरा मंडियों में 150 रुपए प्रति क्विंटल नरम रही। हरियाणा में मिश्रित रुख देखा गया जहां इसका भाव हिसार में 100 रुपए घट गया मगर सिरसा में 100 रुपए सुधर गया। मध्य प्रदेश में मुरैना एवं पोरसा की मंडियों में सरसों 50 रुपए नरम रही। इसी तरह सरसों का भाव उत्तर प्रदेश की हापुड़ मंडी में 150 रुपए तथा आगरा मंडी में 100 रुपए घटकर क्रमश: 6550 रुपए तथा 6600/7100 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त- राजस्थान के कोटा में सरसों की कीमत 100 रुपए प्रति क्विंटल नरम रही। 
सरसों तेल 
सरसों का भाव नरम रहने से सरसों तेल के दाम में भी प्रति 10 किलो पर 10 से 50 रुपए तक की गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली में एक्सपेलर का भाव 10 रुपए गिरकर 1325 रुपए प्रति 10 किलो रह गया। उधर भरतपुर में कच्ची घानी तेल का दाम 50 रुपए घटकर 1320 रुपए पर आ गया। 
आवक 
राष्ट्रीय स्तर पर सरसों की औसत दैनिक आवक 2.00-2.25 लाख बोरी की हो रही है मगर फिर भी कीमतों पर दबाव देखा जा रहा है। रबी सीजन की इस सबसे महत्वपूर्ण तिलहन फसल की बिजाई जोर शोर से जारी है अगर कई कारणों से क्षेत्रफल में ज्यादा इजाफा होना मुश्किल लगता है। राजस्थान सहित अन्य प्रमुख उत्पादक प्रांतों में तापमान ऊंचा होने से बिजाई पर असर पड़ रहा है। केन्द्र सरकार ने सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2023-24 सीजन के 5650 रुपए प्रति क्विंटल से 300 रुपए बढ़ाकर 2024-25 सीजन के लिए 5950 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।