साप्ताहिक समीक्षा-सरसों

08-Feb-2025 07:07 PM

 कोटा में नई फसल की छिटपुट आवक शुरू - भाव नरम  

नई दिल्ली। देश के सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त- राजस्थान की कोटा मंडी में नई फसल की थोड़ी- बहुत आवक शुरू हो गई है लेकिन इसका भाव पुराने माल की तुलना में काफी नीचे चल रहा है। हालांकि बिजाई क्षेत्र में कमी आने तथा कुछ  इलाकों में मौसम खराब रहने से राजस्थान में सरसों का उत्पादन 5-7 प्रतिशत घटने की आशंका व्यक्त की जा रही है मगर कीमतों पर इसका सकारात्मक असर नहीं देखा जा रहा है। 

राजस्थान 

राजस्थान कृषि विभाग के अनुसार राज्य में सरसों का बिजाई क्षेत्र गत वर्ष के 3941 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 3380 लाख हेक्टेयर रह गया और इसका उत्पादन 62.56 लाख टन से लुढ़ककर 55.55 लाख टन पर सिमटने की संभावना है। 

42% कंडीशन सरसों  

1 से 7 फरवरी वाले सप्ताह के दौरान 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव दिल्ली में 50 रुपए गिरकर 6000 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया जबकि जयपुर में 25 रुपए सुधरकर 6125 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। अन्य प्रमुख उत्पादक राज्यों- मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा एवं गुजरात की मंडियों में सरसों के दाम में सीमित उतार-चढ़ाव देखा गया। स्वयं राजस्थान की मंडियों में कारोबार सीमित हुआ। हर जगह नई फसल की आवक शुरू होने की प्रतीक्षा की जा रही है। सरकारी एजेंसियां - नैफेड तथा हैफेड द्वारा बाजार में अपने स्टॉक को बेचने का जोरदार प्रयास किया जा रहा है ताकि आगे यदि किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर इसकी खरीद की जरूरत पड़ी तो उसके सुरक्षित भंडारण के लिए गोदामों में पर्याप्त खाली स्थान उपलब्ध हो सके। 

सरसों तेल 

समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सरसों तेल के दाम में भी विशेष उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। दिल्ली में एक्सपेलर का भाव 1280 रुपए प्रति 10 किलो पर स्थिर रहा। मुरैना में कच्ची घानी तेल की कीमत 10 रुपए नरम पड़ी जबकि जयपुर में यह कुछ सुधरकर 1270 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंचा। 

आवक 

1 से 7 फरवरी के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर सरसों की दैनिक आवक 1.40 से 2.00 लाख बोरी के बीच दर्ज की गई जबकि प्रत्येक बोरी 50 किलो की होती है। उत्पादकों के पास सरसों का स्टॉक कम है। मगर सरकारी एजेंसी- नैफेड के पास अभी अच्छा खासा स्टॉक बताया जा रहा है। 

सरसों खल (डीओसी) 

सरसो खल एवं डीओसी में घरेलू तथा निर्यात मांग कमजोर होने से क्रशर्स- प्रोसेसर्स को समुचित आमदनी प्राप्त नहीं हो रही है। नई सरसों की आवक अगले महीने से जोर पकड़ेगी। इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य 5650 रुपए प्रति क्विंटल से 300 रुपए बढ़ाकर 5950 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।