साप्ताहिक समीक्षा- सरसों
30-Aug-2025 07:42 PM
तेल मिलर्स की कमजोर लिवाली से सरसों के दाम में भारी गिरावट
नई दिल्ली। थोक मंडियों में कम आवक एवं सरकारी एजेंसियों की सीमित बिकवाली के कारण सरसों के दाम में पहले भारी तेजी आ गई थी और इसके तेल की कीमत भी उछलकर अत्यन्त ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी मगर 23-29 अगस्त वाले सप्ताह के दौरान इसमें 100 से 300 रुपए प्रति क्विंटल तक की जोरदार गिरावट दर्ज की गई। वैसे इस गिरावट के बावजूद सरसों का भाव एमएसपी से काफी ऊंचा रहा।
42% कंडीशन सरसों
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का दाम दिल्ली में 100 रुपए गिरकर 7100 रुपए प्रति क्विंटल तथा जयपुर में 250 रुपए घटकर 7200 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया।
सरसों
इसी तरह सामान्य औसत क्वालिटी की सरसों के दाम में गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान की प्रमुख मंडियों में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल की नरमी रही। बूंदी में इसका भाव 300 रुपए लुढ़ककर 7200 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। हरियाणा के हिसार एवं चरखी दादरी, मध्य प्रदेश के ग्वालियर, राजस्थान के भरतपुर एवं खैरथल में सरसों के दाम में 200-200 रुपए प्रति क्विंटल तथा कोटा एवं बूंदी में 300-300 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश के आगरा में भी सरसों का भाव 275 रुपए लुढ़ककर 7650/7800 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया।
सरसों तेल
सरसों की कीमतों में आई इस जोरदार गिरावट के कारण एक्सपेलर और कच्ची घानी सरसों तेल का दाम भी स्वाभाविक रूप से काफी घट गया। दिल्ली में एक्सपेलर का भाव 50 रुपए घटकर 1510 रुपए प्रति 10 किलो तथा चरखी दादरी में 83 रुपए लुढ़ककर 1512 रुपए प्रति 10 किलो रह गया। जयपुर में कच्ची घानी तेल के दाम में 60 रुपए एवं एक्सपेलर के दाम में 35 रुपए प्रति 10 किलो की गिरावट दर्ज की गई। अलवर में भी भाव 50 रुपए कमजोर रहा जबकि आगरा में 40 रुपए एवं कोलकाता में 30 रुपए की नरमी रही। प्रमुख थोक मंडियों में सरसों की आपूर्ति सीमित हो रही है। नैफेड एवं हैफेड जैसी सरकारी एजेंसियों के पास सरसों का अच्छा स्टॉक मौजूद है मगर इसे कम मात्रा में बेचा जा रहा है।
सरसों खल (डीओसी)
सरसों खल में ऊंचे दाम पर कारोबार सुस्त देखा गया जिससे कीमतों पर दबाव बना हुआ है। हालांकि चीन के आयातक पहले इसकी खरीद में अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे थे लेकिन अब उसकी मांग भी कमजोर पड़ गई है। आगे सरसों बाजार में तेजी-मंदी बरकरार रहने की संभावना है।
