साप्ताहिक समीक्षा- सोयाबीन

19-Apr-2025 07:56 PM

सरकारी स्टॉक उतरने की चर्चा से सोयाबीन बाजार में नरमी 

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार की दो अधीनस्थ एजेंसियों- भारतीय राष्ट्रीय सहकारी कृषि विपणन महासंघ (नैफेड) तथा राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) के पास लगभग 20 लाख टन सोयाबीन का रिकॉर्ड स्टॉक मौजूद है जिसकी खरीद 2024-25 के सीजन में  किसानों से 4892 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की गई है। बाजार में ऐसी चर्चा है कि दोनों एजेंसियां अपने स्टॉक की बिक्री शुरू करने की तैयारी कर रही हैं। वैसे दो अग्रणी संगठन- सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) तथा सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) द्वारा बार-बार सरकार से सोयाबीन की बिक्री कम से कम जून के अंत तक स्थगित रखने का आग्रह किया जा रहा है। 
प्लांट डिलीवरी भाव 
12-18 अप्रैल वाले सप्ताह के दौरान सोयाबीन के प्लांट डिलीवरी मूल्य में मध्य प्रदेश में 150 रुपए प्रति क्विंटल, महाराष्ट्र में 180 रुपए प्रति क्विंटल और राजस्थान में 150 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट दर्ज की गई। मिलर्स की लिवाली सुस्त पड़ने से बाजार नरम पड़ गया।  
आवक 
देश भर की मंडियों में रोजाना औसतन 2 लाख क्विंटल सोयाबीन की आवक हो रही है। यदि सरकारी स्टॉक घरेलू बाजार में उतारा गया तो सोयाबीन का दाम घटकर और भी नीचे आ सकता है। सरकार को भी खरीद मूल्य से काफी नीचे दाम पर अपना स्टॉक उतारने के लिए विवश होना पड़ेगा।
सोया तेल (रिफाइंड) 
सोया रिफाइंड तेल के दाम में भी प्रति 10 किलोग्राम पर 10 से 25 रुपए तक की नरमी देखी गई। ब्राजील तथा अर्जेन्टीना में सोयाबीन की नई फसल आने से सोया तेल का भाव काफी हद तक स्थिर हो गया है और भारत में इसका आयात बढ़ रहा है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सोयाबीन तेल का भाव कोटा में 10 रुपए, मुम्बई में 20 रुपए तथा कांडला में 5 रुपए नरम रहा।
सोया खल (डीओसी)
सोयामील का निर्यात ऑफर मूल्य घटने से इसकी निर्यात मांग बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। 'सी' के आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान देश से 21.28 लाख टन सोयामील का निर्यात हुआ जो 2023-24 के शिपमेंट 21.33 लाख टन से कुछ कम रहा।