साप्ताहिक समीक्षा-सोयाबीन
24-May-2025 08:01 PM
मिलर्स-प्रोसेसर्स की मांग सुस्त होने से कीमतों में मंदी
नई दिल्ली। सोयाबीन की बिजाई का समय अत्यन्त नजदीक आ गया है जिससे किसानो अपने स्टॉक को मंडियों में उतरने में रूचि दिखा रहे हैं। इस बार भी मानसून की अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।
पिछले साल सोयाबीन का घरेलू उत्पादन बेहतर हुआ था जिससे किसानों के पास इसका अच्छा खासा स्टॉक अभी मौजूद है। विदेशों से सोयाबीन तेल का विशाल आयात होने तथा देश से सोयामील के निर्यात का प्रदर्शन कमजोर रहने से सोयाबीन के थोक मंडी भाव पर दबाव बना हुआ है।
प्लांट भाव
17 से 23 मई वाले सप्ताह के दौरान मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र में सोयाबीन का प्लांट डिलीवरी मूल्य 25-50 रुपए प्रति क्विंटल नरम रहा जबकि राजस्थान (कोटा) में बढ़ गया।
सोया तेल (रिफाइंड)
सोया रिफाइंड तेल के दाम में 5-10 रुपए प्रति 10 किलो का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया क्योंकि इसमें मांग का अभाव रहा। इसका भाव कोटा में 5 रुपए गिरकर 1275 रुपए प्रति 10 किलो, हल्दिया में 10 रुपए फिसलकर 1230 रुपए तथा कांडला में 15 रुपए घटकर 1220 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया जबकि मुम्बई में 1250 रुपए प्रति 10 किलो के पुराने स्तर पर ही बरकरार रहा।
आवक
घरेलू मंडियों में सोयाबीन की आवक 21 मई को 2.40 लाख बोरी हुई थी जो 22 मई को घटकर 1.90 लाख बोरी पर आ गई मगर 23 मई को बढ़कर 2.60 लाख बोरी पर पहुंच गई। सोयाबीन की प्रत्येक बोरी 100 किलो या 1 क्विंटल की होती है।
रिकॉर्ड स्टॉक
सरकारी एजेंसी- नैफेड के पास सोयाबीन का रिकॉर्ड स्टॉक मौजूद है जिसकी खरीद 2024-25 के खरीफ मार्केटिंग सीजन में किसानों से 4892 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की गई थी। एजेंसी अपने इस स्टॉक को खुले बाजार में उतारना चाहती है मगर इसके लिए उसे अनुमति नहीं मिल रहे है। जब यह स्टॉक बाजार में पहुंचेगा तब सोयाबीन की कीमतों पर दबाव और भी बढ़ सकता है।
सोया खल (डीओसी)
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सोया डीओसी का कारोबार सुस्त रहा जिससे महाराष्ट्र में इसका भाव नरम पड़ गया। अप्रैल में इसका औसत निर्यात मूल्य सुधरकर 378 डॉलर प्रति टन पर पहुंचा था मगर अब कुछ नीचे आ गया है। घरेलू मांग भी ज्यादा मजबूत नहीं है।
