साप्ताहिक समीक्षा-सोयाबीन
13-Sep-2025 07:38 PM
क्रशर्स-प्रोसेसर्स की मांग कमजोर रहने से सोयाबीन की कीमतों में भारी गिरावट
नई दिल्ली। तीनो शीर्ष उत्पादक राज्यों- मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान में क्रशिंग-प्रोसेसिंग इकाइयों की मांग कमजोर रहने तथा सरकारी स्टॉक की नियमित बिक्री जारी होने से 6-12 सितम्बर वाले सप्ताह के दौरान सोयाबीन के प्लांट, डिलीवरी मूल्य में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई।
भाव
इसका भाव घटकर 4450-4650 रुपए प्रति क्विंटल के बीच रह गया। सोयाबीन की बिजाई समाप्त हो चुकी है और इसका उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 126.04 लाख हेक्टेयर से 5.72 लाख हेक्टेयर घटकर इस बार 120.32 लाख हेक्टेयर रह गया। कहीं-कहीं फसल को प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान भी हुआ है। घरेलू बाजार भाव कमजोर रहने से सरकार को 2025-26 के मार्केटिंग सीजन में एक बार फिर विशाल मात्रा में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सोयाबीन खरीदने के लिए विवश होना पड़ सकता है इसलिए सरकारी एजेंसी द्वारा पिछले स्टॉक को निस्तारित करने का जोरदार प्रयास किया जा रहा है।
सोया तेल
सोयाबीन के दाम में भारी नरमी के बावजूद सोया रिफाइंड तेल का भाव या तो पिछले स्तर पर स्थिर रहा या 5-10 रुपए प्रति 10 किलो सुधर गया। रिफाइंड सोयातेल में सामान्य ढंग से कारोबार हो रहा है और विदेशी समाचार भी मार्केट के लिए नकारात्मक नहीं है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान कोटा एवं मुम्बई में सोया रिफाइंड तेल का भाव क्रमश: 1275 रुपए एवं 1270 रुपए प्रति 10 किलो के पिछले स्तर पर स्थिर रहा जबकि कांडला में 5 रुपए एवं हल्दिया में 2 रुपए सुधरकर 1240 रुपए पर पहुंच गया।
मुम्बई
मुम्बई में आयातित सोया तेल का भाव 1218 रुपए पर स्थिर रहा मगर कांडला में 5 रुपए सुधरकर 1208 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंच गया। पाम तेल की प्रतिस्पर्धा के कारण सोया तेल का भाव स्थिर देखा जा रहा है।
सोया खल (डीओसी)
सोया डीओसी का कारोबार मध्य प्रदेश में सीमित हुआ जबकि महाराष्ट्र में मांग कमजोर रहने से कीमतों में 500 से 1500 रुपए प्रति टन तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। महाराष्ट्र की एक इकाई में इसका दाम 1500 रुपए घटकर 35,500 रुपए प्रति टन पर आ गया।
