साप्ताहिक समीक्षा -सोयाबीन

17-Aug-2024 02:01 PM

बेहतर बिजाई एवं प्लांटों की कमजोर मांग से सोयाबीन का भाव लुढ़का  

नई दिल्ली । पिछले साल के मुकाबले चालू खरीफ सीजन के दौरान सोयाबीन के बिजाई क्षेत्र में अच्छी वृद्धि हुई है और फसलों की हालत संतोषजनक बताई जा रही है। विदेशों से सस्ते सोया तेल का विशाल आयात हो रहा है। सोयाबीन की अगैती बिजाई वाली फसल की कटाई-तैयारी अगले महीने के तीसरे-चौथे सप्ताह से शुरू हो सकती है जबकि उत्पादकों के पास इसका पुराना स्टॉक पड़ा हुआ है। 

प्लांट डिलीवरी भाव 

इसके परिणामस्वरूप 8 से 14 अगस्त वाले सप्ताह के दौरान तीनों शीर्ष उत्पादक राज्यों- मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान में सोयाबीन के प्लांट डिलीवरी मूल्य में 50-100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट आ गई और इसका भाव घटकर सरकारी समर्थन मूल्य से बहुत नीचे आ गया। लूज में दाम और भी कमजोर रहा।

सोया तेल (रिफाइंड)  

एक्का-दुक्का मामलों को छोड़कर सोयाबीन का भाव 4500 रुपए प्रति क्विंटल से नीचे ही रहा जिससे सोया रिफाइंड तेल की कीमतों में भी काफी गिरावट देखी गई और यह 950 रुपए प्रति 10 किलो से नीचे आ गई। कोटा और कांडला में भाव 10 रुपए नरम रहा जबकि मंदसौर की मिलों में प्रति 10 किलो पर 15 से 30 रुपए तक की गिरावट देखी गई। 

उत्पादन 

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी सोया तेल का दाम नरम पड़ गया है क्योंकि अमरीका में इस बार सोयाबीन का विशाल उत्पादन होने के संकेत मिल रहे हैं। वहां अगले महीने से नए माल की आवक शुरू हो सकती है। इसका असर ब्राजील तथा अर्जेन्टीना पर भी देखा जा रहा है। जुलाई में भारत में सोया तेल का विशाल आयात हुआ जबकि वैश्विक बाजार भाव नरम रहने पर अगस्त में भी अच्छा आयात हो सकता है। 

आवक 

समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान घरेलू मंड्यों में 8 अगस्त को 1.50 लाख बोरी, 9 अगस्त को 85 हजार बोरी, 10 अगस्त को 80 हजार बोरी, 12 अगस्त को 1.10 लाख बोरी, 13 अगस्त को 1.35 लाख बोरी एवं 14 अगस्त को 1.30 लाख बोरी सोयाबीन की आवक हुई जबकि प्रत्येक बोरी 100 किलो की थी। 

सोयामील 

सोयामील का निर्यात प्रदर्शन बेहतर चल रहा है जिससे मिलों को थोड़ी राहत मिल रही है। घरेलू प्रभाग में भी इसकी अच्छी खपत हो रही है।