साप्ताहिक समीक्षा - धान-चावल
09-May-2026 08:18 PM
मिलर्स एवं निर्यातकों की लिवाली से धान-चावल में सुधार
नई दिल्ली। उत्तरी भारत की मंडियों में खरीफ कालीन धान की आवक बहुत कम हो रही है। सिर्फ दिल्ली की नरेला मंडी, छत्तीसगढ़ की भाटापाड़ा एवं राजिम मंडी, राजस्थान की बूंदी एवं कोटा मंडी तथा उत्तर प्रदेश की शाहजहांपुर मंडी जैसी गिनी चुनी मंडियों में ही धान की सीमित आपूर्ति हो रही है। मिलर्स / प्रोसेसर्स की थोड़ी-बहुत लिवाली होने से 2-8 मई वाले सप्ताह के दौरान धान की कुछ किस्मों / श्रेणियों के दाम में 100-15 रुपए प्रति क्विंटल तक का सुधार दर्ज किया गया जबकि अन्य किस्मों के धान का भाव लगभग स्थिर बना रहा।
दिल्ली
नरेला मंडी में 3-4 हजार बोरी धान की दैनिक आवक हुई और कमजोर कारोबार के कारण 1509 कम्बाइन धान का भाव 40 रुपए गिरकर 4360 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। भाटापाड़ा में 5500 बोरी धान रोजाना पहुंचा और बेहतर कारोबार के साथ वहां इसके दाम में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। राजिम मंडी में मांग कमजोर रहने तथा आपूर्ति ज्यादा (6000-8000 बोरी) होने से कीमतों पर कुछ दबाव देखा गया।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में 1000-2000 बोरी धान की रोजाना आवक हुई लेकिन सामान्य कारोबार के साथ वहां भाव स्थिर बना रहा। बूंदी में भी 1000-2000 बोरी की दैनिक आवक के साथ कीमतों में 50-100 रुपए प्रति क्विंटल का सुधार आया जबकि कोटा में भाव स्थिर बना रहा।
चावल
जहां तक चावल का सवाल है तो होर्मुज स्ट्रेट का जलमार्ग बंद होने से भारत से बासमती चावल का निर्यात प्रभावित हो रहा है लेकिन फिर भी घरेलू प्रभाग में कीमतों पर ज्यादा असर नहीं देखा जा रहा है। भाटापाड़ा में एचएमटी का दाम 200 रुपए एवं श्रीराम का 100 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ गया।
अमृतसर / उत्तराखंड
इसी तरह अमृतसर में विभिन्न किस्मों के चावल की कीमतों में 50-100 रुपए की तेजी रही जबकि अन्य किस्मों में इतनी ही नरमी दर्ज की गई। राजिम में भाव पिछले स्तर पर स्थिर रहा अगर उत्तराखंड की नगर मंडी में कीमतों में 200 से 400 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट देखी गई। बूंदी में चावल का मूल्य 100-150 रुपए प्रति क्विंटल तेज हो गया। दिल्ली के नया बाजार में मिश्रित रुख देखा गया लेकिन आमतौर पर कीमत कुछ तेज रही।
