साप्ताहिक समीक्षा-धान - चावल
16-May-2026 09:06 PM
सीमित कारोबार के कारण धान-चावल के बाजार में मंदा
नई दिल्ली। बासमती तथा 'ए' ग्रेड धान की आपूर्ति का ऑफ सीजन होने से देश की कुछ मंडियों में ही इसकी आवक सीमित मात्रा में हो रही है। खरीफ कालीन सामान्य श्रेणी के धान का आना पहले ही बंद हो चुका है मगर कुछ रजयों में रबी कालीन धान आ रहा है। अगले महीने से खरीफ सीजन के धान की खेती शुरू होने वाली है। उधर मध्य एशिया में अमरीका-ईरान के बीच जारी तनाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से खाड़ी क्षेत्र के देशों में भारतीय बासमती चावल का निर्यात प्रभावित हो रहा है जिससे घरेलू मंडियों में बासमती धान की खरीद में मिलर्स / प्रोसेसर्स तथा निर्यातकों की दिलचस्पी 9-15 मई वाले सप्ताह में घट गई। इसके फलस्वरूप बाजार में नरमी का माहौल देखा गया। चावल में भी खास तेजी नहीं रही।
दिल्ली
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दिल्ली की नरेला मंडी में रोजाना औसतन 1000-2000 बोरी धान की आवक हुई और सीमित करोबार के बीच 1509 कम्बाइन धान का भाव 100 रुपए घटकर 4300 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। छत्तीसगढ़ की भाटापाड़ा में रोजाना 4500-6500 बोरी धान पहुंचा और खरीदारों की मांग के अनुरूप कीमतों में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी-मंदी रही मगर राजिम मंडी में 8000-9000 बोरी की धान की आवक के बीच बीपीटी का भाव 240 रुपए प्रति क्विंटल घट गया।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश की शाहजहांपुर मंडी में 1000-2000 बोरी की दैनिक आवक एवं सामान्य खरीद-बिक्री के कारण धान की कीमतों में स्थिरता देखी गई। राज्य की अन्य मंडियों में सन्नाटा पसरा हुआ है।
हरियाणा / महाराष्ट्र
हरियाणा की मंडियां भी सुनसान रही। लेकिन राजस्थान की बूंदी एवं कोटा मंडी में धान की आवक हो रही है। महाराष्ट्र की गोंडिया मंडी में भी धान आ रहा है। बूंदी एवं कोटा में कमजोर कारोबार के कारण धान का भाव नरम रहा।
चावल
जहां तक चावल का सवाल है तो अधिकांश मंडियों में विभिन्न किस्मों एवं श्रेणियों का भाव स्थिर या नरम देखा गया। अमृतसर में कीमत 100-200 रुपए प्रति क्विंटल कमजोर रही क्योंकि निर्यातकों के साथ-साथ दिसावरी व्यापारियों ने भी लिवाली में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई।
उत्तराखंड
उत्तराखंड की नगर मंडी में स्थिरता रही जबकि राजस्थान की बूंदी मंडी में चावल का भाव 100-200 रुपए प्रति क्विंटल नीचे रहा। दिल्ली के नया बाजार में विभिन्न किस्मों के चावल के दाम में 100 से 300 रुपए तक की गिरावट देखी गई।
