सरकारी खरीद बढ़ने पर ओएमएसएस में गेहूं की बिक्री होगी आसान
08-Apr-2025 07:52 PM
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद तेजी से बढ़ रही है क्योंकि वहां किसानों को 2600 रुपए प्रति क्विंटल का ऊंचा मूल्य प्राप्त हो रहा है। इसी तरह राजस्थान में भी किसानों से 2575 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है।
आई ग्रेन इंडिया का मानना है कि अगर इन दोनों प्रांतों में प्रदर्शन बेहतर रहा तो इस वर्ष केन्द्रीय पूल के लिए गेहूं की खरीद बढ़कर 280 लाख टन से ऊपर पहुंच सकती है।
इससे सरकार को बाजार भाव में आने वाली तेजी को नियंत्रित करने में आसानी होगी और खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) को अपेक्षाकृत जल्दी शुरू करने में भी सहायता मिलेगी।
इस योजना में बिक्री के लिए गेहूं की मात्रा भी बढ़ाई जा सकती है। पंजाब-हरियाणा में गेहूं की सरकारी खरीद गत वर्ष से कुछ बढ़ने की उम्मीद है।
केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने इस वर्ष 313 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा है और उसे यह लक्ष्य हासिल हो जाने का भरोसा भी है। गेहूं की घरेलू पैदावार तथा खरीद की संभावित स्थिति को देखते हुए विदेशों से इसके आयात की संभावना क्षीण पड़ गई है।
दूसरी ओर देश से गेहूं के निर्यात की अनुमति देने की मांग जोर पकड़ सकती है। लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहेगी।
आई ग्रेन इंडिया का मानना है कि केन्द्रीय पूल में गेहूं के स्टॉक को सुविधाजनक स्तर तक पहुंचाने के लिए कम से कम दो लगातार सीजन तक देश में इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न का शानदार उत्पादन होना आवश्यक है।
फिलहाल गेहूं के आयात पर लगे 40 प्रतिशत के सीमा शुल्क को वापस लेने अथवा देश से गेहूं के व्यापारिक निर्यात की अनुमति दिए जाने की संभावना बहुत कम है। सरकार का इरादा घरेलू प्रभाग में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने का है।
