सरकार द्वारा एमएसपी पर चना की खरीद बढ़ाने के उपायों पर विचार
23-May-2025 03:51 PM
नई दिल्ली। दोनों प्राधिकृत केंद्रीय एजेंसियों- भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नैफेड) तथा भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) को चालू रबी मार्केटिंग सीजन में किसानो से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर चना की खरीद करने में जोरदार सफलता नहीं मिल रही है जिससे सरकार को खरीद बढ़ाने के नए उपायों पर विचार करना पड़ रहा है।
दलहनों के कुल घरेलू उत्पादन में चना का योगदान 50 प्रतिशत के करीब रहता है इस बार इस महत्वपूर्ण दलहन की सरकारी खरीद की गति काफी धीमी देखी जा रही है। अभी तक केवल करीब दो लाख टन चना की सरकारी खरीद संभव हो पाई है।
चना का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2024-25 सीजन के लिए 5650 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है जबकि थोक मंडी भाव इसके आसपास या इससे कुछ नीचे चल रहा है। इससे किसानो को सरकारी एजेंसियों को अपना उत्पाद बेचने का प्रोत्साहन नहीं मिल रहा है।
उत्पादकों को उम्मीद है कि आगामी समय में यदि पीली मटर का आयात बाधित होता है तो देशी चना की कीमतों में तेजी आ सकती है। पीली मटर के शुल्क युक्त आयात की अवधि खत्म होने वाली है।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार मंडियों में चना की आपूर्ति का पीक समय पहले ही गुजर चुका है विभिन्न उत्पादक इलाको में भाव घटकर 5400 रूपए प्रति क्विंटल के आसपास रह जाने से व्यापारियों एवं प्रोसेसर्स द्वारा इसकी जमकर खरीदारी की गई है और अब भी की जा रही है।
इससे सरकारी एजेंसियों को खरीद बढ़ाने में कठिनाई हो रही है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बाजार भाव में स्थिरता आने का इंतजार किया जा रहा है यदि इसके दाम में तेजी आ रही है तो बफर स्टॉक के लिए प्रचलित बाजार मूल्य पर चना खरीदने पर विचार किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि बफर स्टॉक के लिए सरकारी एजेंसियों को 2021-22 के सीजन में 26.10 लाख टन तथा 2022-23 के सीजन में 23.50 लाख टन चना की शानदार खरीद करने में सफलता मिली थी मगर 2023-24 के सीजन में ऊंचे बाजार भाव के कारण केवल 43,120 टन की ही खरीद हो सकी 2024-25 के वर्तमान सीजन के लिए खरीदारी अभी चल रही है।
महाराष्ट्र दाल मिलर्स एसोसिएशन ने हाल ही में सरकार को पत्र भेजकर पीली मटर का शुल्क युक्त आयात रोकने तथा देशी चना पर 60 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगाने का आग्रह किया था। देश में 30 लाख टन से अधिक पीली मटर का आयात हो चुका है और इसका अच्छा खासा स्टॉक अभी मौजूद है।
