सरकार द्वारा रिटेलर्स को दालों का दाम घटाने का निर्देश

23-Dec-2024 12:01 PM

नई दिल्ली । थोक बाजार में घटती कीमतों को देखते हुए सरकार ने रिटेलर्स को दाल-दलहन का दाम घटाने के लिए कहा है। हाल ही में आयोजित एक मिटिंग में सरकार की ओर से कहा गया कि यद्यपि पिछले दो माह के दौरान तुवर, उड़द, मसूर, देसी चना, मूंग एवं पीली मटर आदि के थोक बाजार भाव में 5 से 20 प्रतिशत तक की गिरावट आई है लेकिन खुदरा बाजार मूल्य अब भी ऊंचे स्तर पर मजबूत बना हुआ है। इसमें कमी की जानी चाहिए। 

उल्लेखनीय है कि खुदरा बाजार में दालों की कीमतें थोक बाजार भाव के अनुरूप क्यों नहीं घट रही है इसका कारण जानने के लिए हाल ही में केन्द्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्रालय के अधिकारियों ने रिटेल उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण मिटिंग की थी।

समझा जाता है कि इस मिटिंग में सरकार ने कम से कम कुछ दालों की बिक्री सस्ते दाम पर करने का सुझाव दिया और इसकी कीमतों में 15-20 प्रतिशत तक की गिरावट लाने इरादा व्यक्त किया।

यह चेतावनी भी दी गई कि यदि दाल-दलहन के खुदरा मूल्य में कमी नहीं आई तो सरकार खुले बाजार में भारत ब्रांड के दाल-दलहनों की बिक्री बढ़ाने का निर्णय ले सकती है। 

इस बार खरीफ कालीन दलहनों का अच्छा उत्पादन होने की उम्मीद है जबकि विदेशों से भारी मात्रा में पीली मटर एवं देसी चना का आयात भी हो रहा है। इसके फलस्वरूप थोक मंडियों में दलहनों-दालों की कीमत घटाने में सहायता मिल रही है।

सिर्फ चना को छोड़कर अन्य अधिकांश प्रमुख दलहनों का थोक बाजार भाव गत वर्ष से पीछे (नीचे) चल रहा है। लातूर के एक अग्रणी प्रोसेस के अनुसार पिछले दो महीने के अंदर तुवर के दाम में 15-20 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है।

वर्तमान समय में खेतों में तुवर की जो फसल खड़ी है उसे पिछले तीन-चार वर्षों की तुलना में सबसे अच्छी मानी जा सकती है। वैसे इसकी कटाई में थोड़ी देर होने की संभावना है। शीतकालीन सब्जियों की सस्ती उपलब्धता से ऊंचे दाम वाली दालों की मांग में कुछ गिरावट आई है। 

उधर इंडिया पल्सेस एंड ग्रेन्स एसोसिएशन (आईपीजिए) का कहना है कि थोक बाजार में साबुत तुवर का भाव 20 प्रतिशत चना तथा पीली मटर का दाम 10 प्रतिशत और मसूर तथा उड़द का मूल्य 5 से 10 प्रतिशत तक घट गया है। काबुली चना एवं राजमा का दाम भी कुछ नीचे आया है।