सरकार द्वारा सीमित मात्रा में विशिष्ट क्वालिटी की चीनी के निर्यात पर विचार

07-Feb-2025 06:24 PM

नई दिल्ली । केन्द्र सरकार 15 हजार टन विशिष्ट क्वालिटी की चीनी के वार्षिक निर्यात की अनुमति देने पर विचार कर रही है जो किसी भी नियंत्रण-प्रतिबंध के दायरे से बाहर रह सकती है।

सामान्य श्रेणी की चीनी का मुक्त निर्यात अभी बंद है और केवल सरकार द्वारा नियत कोटे की चीनी का ही शिपमेंट किया जा सकता है।

लेकिन विशिष्ट क्वालिटी की चीनी का निर्यात नियमित रूप से जारी रह सकता है। वैसे इसके शिपमेंट के लिए भी वार्षिक कोटा निर्धारित हो सकती है।

दिलचस्प तथ्य यह है कि फिलहाल सरकार ने 10 लाख टन चीनी के निर्यात का जो कोटा निर्धारित किया है उसमें विशिष्ट किस्म (स्पेशियलिटी) चीनी का अलग से कोई जिक्र नहीं किया गया है जबकि यह मूल्य संवर्धित उत्पाद माना जाता है।

समझा जाता है कि एक अंतर-मंत्रालयी पैनल द्वारा जनवरी के अंतिम सप्ताह में इस आशय के प्रस्ताव पर विचार किया गया। वाणिज्य मंत्रालय ने यह प्रस्ताव रखा था लेकिन पर्याप्त जानकारी के अभाव में इस प्रस्ताव को स्थगित कर दिया गया।

जानकार सूत्रों के अनुसार वाणिज्य मंत्रालय इस चीनी के बारे में तमाम सूचना एवं आंकड़ा एकत्रित कर रहा है और जब इसकी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी तक उसके प्रस्ताव पर दोबारा विचार किया जा सकता है। 

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार चूंकि औद्योगिक चीनी के निर्यात में भारी कठिनाई हो रही है क्योंकि कुछ निर्यातक इसके नाम पर सामान्य श्रेणी की चीनी का शिपमेंट कर रहे हैं इसलिए स्पेशियलिटी चीनी के निर्यात की अनुमति दिए जाने से पूर्व सभी आवश्यक एहतियाती उपायों पर विचार करना होगा।

हालांकि मात्रा का कोई मुद्दा नहीं है क्योंकि वाणिज्य मंत्रालय ने महज 15 हजार टन के निर्यात की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है जो सालाना घरेलू उत्पादन की तुलना में नगण्य है लेकिन फिर भी सरकार इसमें कोई अनियमितता नहीं होने देना चाहती है। स्पेशियलिटी चीनी के संवर्ग में ब्राउन शुगर, आइसिंग शुगर तथा गोल्डन सीरप आदि शामिल है।