सीसीआई द्वारा चालू सीजन में 94 लाख गांठ रूई की खरीद

04-Mar-2025 05:48 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय कपड़ा मंत्रालय की अधीनस्थ एजेंसी- भारतीय कपास निगम (सीसीआई) द्वारा चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर किसानों से करीब 94 लाख गांठ रूई की विशाल खरीद की जा चुकी है लेकिन फिर भी कई क्षेत्रों में कपास का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे चल रहा है क्योंकि इसकी मांग कमजोर बनी हुई है।

निगम के प्रबंध निदेशक के मुताबिक एमएसपी पर कपास की सरकारी खरीद 94 लाख गांठ पर पहुंच चुकी है और फिर भी सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में खरीद की प्रक्रिया जारी है।

जब तक सरकारी क्रय केन्द्रों पर कपास की आवक होती रहेगी तब तक इसकी खरीद भी चलती रहेगी। लेकिन निगम ने अभी तक यह फैसला नहीं लिया है कि खरीदी गई कपास की बिक्री कब से शुरू की जाएगी। 

इधर शीर्ष व्यापारिक संस्था- कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के आंकड़ों से पता चलता है कि 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में 1 अक्टूबर 2024 से 1 मार्च 2025 के दौरान देश भर की मंडियों में 216 लाख गांठ से अधिक कपास की आवक हुई जबकि प्रत्येक गांठ 170 किलो की होती है।

एसोसिएशन ने कपास के उत्पादन अनुमान में कुछ कटौती करते हुए इसे 301.75 लाख गांठ निर्धारित किया है जो केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के प्रथम अग्रिम उत्पादन अनुमान 299 लाख गांठ से कुछ ज्यादा है। 

खानदेश जिनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष का कहना है कि मंडियों में कपास की आवक काफी घट गई है क्योंकि जिन किसानों के पास 10-15 प्रतिशत का स्टॉक रह गया है वे वर्तमान मूल्य स्तर पर अपना उत्पाद बेचने के इच्छुक नहीं हैं और इसलिए स्टॉक को अपने पास ही रख रहे हैं।

कपास का दाम फिलहाल 6500/7000 रुपए प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है जो न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे है। उल्लेखनीय है की सरकार ने 2024-25 सीजन के लिए कपास का एमएसपी मीडियम रेशे वाली श्रेणी के लिए 7121 रुपए प्रति क्विंटल तथा लम्बे रेशे वाली किस्मों के लिए 7521 रुपए प्रति क्विंटल नियत कर रखा है।

मांग कमजोर बनी हुई है लेकिन बिनौला का कारोबार बेहतर हो रहा है जिससे इसका भाव 200/300 रुपए सुधरकर अब 3300/3400 रुपए  प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है।