सस्कैचवान से चना का भाव निश्चित सीमा में स्थिर रहने की संभावना
22-Dec-2025 09:13 PM
मुम्बई। एक अग्रणी व्यापारिक संगठन- इंडिया पल्सेस एंड ग्रेन्स एसोसिएशन ने अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट में कहा है कि चालू सप्ताह के दौरान तुवर और उड़द का घरलू बाजार भाव थोड़े बहुत उतार-चढ़ाव के साथ एक निश्चित सीमा में स्थिर रह सकता है जबकि चना के दाम में थोड़ी नरमी आ सकती है।
व्यापारी एवं दाल मिलर्स केवल अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने लायक मात्रा में ही चना की खरीद कर रहे हैं क्योंकि इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी हुई है और विदेशों से सस्ते दाम पर इसका चाहा आयात भी हो रहा है। इसके साथ-साथ पीली मटर का आयात भी हो रहा है और इसका अच्छा खासा स्टॉक भी उपलब्ध है।
एसोसिएशन के अनुसार स्थिर मांग एवं सरकारी खरीद शुरू होने की उम्मीद से तुवर का भाव आगे कुछ सुधर सकता है लेकिन घरेलू एवं आयातित माल की भारी उपलब्धता को देखते हुए उड़द की कीमतों में ज्यादा तेजी आना मुश्किल लगता है।
एसोसिएशन की रिपोर्ट में कहा गया है कि दाल मिलर्स चना की खरीद में जबरदस्त दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। उसकी खरीद केवल तात्कालिक जरूरत पर आधारित है। चना दाल एवं बेसन में सीमित मांग देखी जा रही है। सस्ते चना एवं पीली मटर की अच्छी आपूर्ति हो रही है।
राजस्थान एवं गुजरात जैसे महत्वपूर्ण उत्पादक प्रांतों में चना के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर भी चना का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष से आगे चल रहा है। महाराष्ट्र में भी बिजाई में अच्छी प्रगति हुई है। मौसम की हालत फसल के लिए काफी हद तक अनुकूल बनी हुई है।
एसोसिएशन के मुताबिक जब तक खपत में इजाफा नहीं होगा फसल की प्रगति के चरण में मौसम तब तक चना के दाम में तेजी आना मुश्किल लगता है। फिलहाल देसी चना के आयात पर महज 10 प्रतिशत का सीमा शुल्क लागू है।
