सस्ते आयात पर अंकुश लगने के बाद ही कालीमिर्च के दाम में तेजी संभव
26-May-2025 03:53 PM
कोच्चि। विशाल भारतीय बाजार में धमाकेदार निर्यात के सहारे श्रीलंका में कालीमिर्च का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है। अगले महीने से वहां इसके नए माल की आपूर्ति आरंभ होने की उम्मीद है जिससे भारतीय उत्पादकों एवं कारोबारियों की चिंता बढ़ने लगी है
क्योंकि वहां से विशाल मात्रा में शुल्क मुक्त माल का आयात होने पर भारतीय कालीमिर्च की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। द्विपक्षीय व्यापार संधि के तहत श्रीलंका को भारत में भारी मात्रा में कालीमिर्च के शुल्क मुक्त निर्यात की अनुमति मिली हुई है और वह इसका भरपूर फायदा भी उठा रहा है।
उधर भारत में केरल तथा तमिलनाडु में कालीमिर्च की नई फसल की तुड़ाई-तैयारी या तो समाप्त हो चुकी है या बिल्कुल अंतिम चरण में पहुंच गई है लेकिन कर्नाटक में नए माल की आवक जारी है।
मौसम की हालत अनुकूल नहीं रहने से 2024-25 सीजन के दौरान कालीमिर्च के घरेलू उत्पादन में भारी गिरावट आने के संकेत मिल रहे हैं लेकिन पिछला बकाया स्टॉक के साथ-साथ श्रीलंका एवं वियतनाम सहित अन्य देशों से सस्ता आयात होने के कारण घरेलू प्रभाग में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति काफी हद तक सुगम रहने की संभावना है।
मसाला बोर्ड के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले वित्त वर्ष के शुरूआती 11 महीनों में यानी अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 के दौरान भारत से कालीमिर्च का निर्यात बढ़कर 19,055 टन पर पहुंच गया जो वित्त वर्ष 2023-24 की समान अवधि के शिपमेंट 16,126 टन से काफी अधिक था।
इसी अवधि में कालीमिर्च की निर्यात आमदनी भी 664.25 करोड़ रुपए से उछलकर 950.10 करोड़ रुपए पर पहुंच गई। कालीमिर्च की आवक प्रमुख उत्पादक देशों में उम्मीद से कम हो रही है जबकि स्टॉकिस्ट एवं निर्यातकों के साथ मसाला तेल, ओलियोरेसिन एवं पाउडर बनाने वाली कंपनियों द्वारा इसकी खरीद में थोड़ी-बहुत दिलचस्पी दिखाई जा रही है।
इसके फलस्वरूप कीमतों में स्थिरता का माहौल बना हुआ है। नई फसल अभी बहुत दूर है जबकि उत्पादन काफी कम हुआ है। यदि आगामी महीनों में आयात पर अंकुश लगाना संभव होता है तो कालीमिर्च का भाव मजबूत हो सकता है।
