सात राज्यों में तुवर एवं उड़द की खेती को प्रोत्साहित करने का प्रयास
04-Jul-2025 03:27 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा देश के सात राज्यों के एक दर्जन जिलों में बीज वितरण अभियान के जरिए अरहर (तुवर) एवं उड़द की खेती के संवर्धित / प्रोत्साहित करने का प्लान बनाया गया है ताकि घरेलू उत्पादन बढ़ाकर विदेशों से आयात पर निर्भरता घटाने में सहायता मिल सके।
उपभोक्ता मामले सचिव के अनुसार उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, कर्नाटक, मणिपुर एवं त्रिपुरा जैसे राज्यों के चयनित जिलों में बीज वितरण अभियान के माध्यम से तुवर एवं उड़द की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए अधीनस्त संस्था- भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) ने तैयारी भी आरंभ कर दी है।
उपभोक्ता मामले सचिव का कहना है कि पिछले साल झारखंड के दो जिलों में पायलट परियोजना के अंतर्गत इस अभियान की शुरुआत की गई थी और इसका उत्साहवर्धक परिणाम सामने आने के बाद अब देश के सात अन्य राज्यों में भी इसे आरंभ करने का प्लान बनाया गया है।
वर्तमान खरीफ सीजन के दौरान झारखंड, पलामू, लातेहार तथा गढ़वा, उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर एवं ललितपुर, बिहार के गया एवं जहानाबाद तथा कर्नाटक के विजयपुरा जिलों में अरहर एवं उड़द की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा।
दो पात्रता के आधार पर इन जिलों का चुनाव किया गया है। पहली बात यह है कि ये जिले वर्षा पर आश्रित रहते हैं और दूसरा कारण यह है कि उसकी पहचान नीति आयोग द्वारा आकांक्षित (उम्मीदजनक) प्रखंड के तौर पर की गई है।
उपरोक्त जिलों में अरहर एवं उड़द के बीज के वितरण पर एक करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च की जाएगी और सरकार वहां उत्पादित दलहनों की 100 प्रतिशत खरीद सुनिश्चित करेगी।
यदि बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊपर रहा तो किसानों को मंडियों में अपना उत्पाद बेचने की स्वतन्त्रता रहेगी लेकिन यदि भाव इससे नीचे रहा तो सरकारी एजेंसी इसकी खरीद करेगी।
एनसीसीएफ द्वारा झारखंड के दो जिलों में पिछले साल की पायलट परियोजना के बारे में जो रिपोर्ट तैयार की गई है उससे पता चलता है कि अच्छी क्वालिटी के बीज का वितरण किए जाने से वहां दलहनों की उपज दर में बढ़ोत्तरी हो गई।
इससे किसानों की आमदनी बढ़ी और दलहनों की खेती के प्रति उसमें अच्छा उत्साह देखा गया। उपज दर में 40-50 प्रतिशत तक का इजाफा होने से किसान काफी खुश है।
