स्टॉक की कमी से कालीमिर्च का भाव मजबूत रहने के आसार
09-Sep-2025 11:09 AM
कोच्चि। केरल में ओणम पर्व के जारी रहने तथा श्रीलंका सहित अन्य देशों से आयात कम या नगण्य होने से कालीमिर्च का हाजिर स्टॉक घट गया है और मांग तथा आपूर्ति के बीच असंतुलन पैदा होने से कीमतों में मजबूती का माहौल बरकरार रहने के आसार हैं।
दोनों शीर्ष उत्पादक प्रांतों- कर्नाटक एवं केरल में मौसम तथा मानसून की हालत कालीमिर्च की फसल के लिए काफी हद तक अनुकूल बनी हुई है। यदि आगामी कुछ सप्ताहों तक इसमें कोई बिगाड़ नहीं आया तो कालीमिर्च का अगला उत्पादन बेहतर हो सकता है।
कुछ जानकारों का कहना है कि श्रीलंका में उत्पादन घटने तथा दाम ऊंचा होने से भारतीय खरीदार असमंजस में हैं। उन्हें उचित दाम पर इसके आयात का अनुबंध करने में पर्याप्त सफलता नहीं मिल रही है।
इधर भारत में कालीमिर्च के नए माल की तुड़ाई-तैयारी दिसम्बर में आरंभ होने की उम्मीद है। कच्चे दाने (टेंडर कैप्सूल) की तुड़ाई-तैयारी उससे पहले शुरू हो सकती है जिसका उपयोग, मसाला तेल एवं ओलियोरेसिन बनाने में किया जा सकता है।
कालीमिर्च की नई फसल की आवक केरल में दिसम्बर-जनवरी तथा कर्नाटक में मार्च-अप्रैल में जोर पकड़ती है। अब दोनों राज्यों में आपूर्ति का ऑफ सीजन चल रहा है और उत्पादक अपने बचे हुए स्टॉक को सावधनी से संभाले हुए हैं।
इसके फलस्वरूप नीलामी केन्द्रों तथा कोच्चि के टर्मिनल मार्केट में इस महत्वपूर्ण मसाले की आवक सीमित मात्रा में हो रही है। 2024-25 के सीजन में कालीमिर्च घरेलू उत्पादन भी प्रतिकूल मौसम से प्रभावित हुआ था। कोच्चि में कालीमिर्च का भाव गत दिन 700/710 रुपए प्रति किलो दर्ज किया गया था।
कालीमिर्च का निर्यात प्रदर्शन संतोषजनक चल रहा है। अप्रैल-जून 2025 की तिमाही में भारत से कालीमिर्च का निर्यात बढ़कर 5339 टन पर पहुंच गया जो वर्ष 2024 के इन्हीं महीनों के शिपमेंट 4795 टन से करीब 11 प्रतिशत अधिक रहा। उसी तरह उसकी निर्यात आय भी 215.88 करोड़ रुपए से बढ़कर 316.64 करोड़ रुपए पर पहुंच गई।
