स्टॉक सीमा में हुए बदलाव का गेहूं के बाजार भाव पर कोई खास असर नहीं

29-Aug-2025 03:42 PM

नई दिल्ली। देश की प्रमुख थोक मंडियों में गेहूं का भाव सामान्य उतार-चढ़ाव के साथ लगभग स्थिर बना हुआ है और ऐसा प्रतीत होता है कि केन्द्र सरकार ने हाल ही में इसकी स्टॉक सीमा में जो बदलाव किया है उसका कोई खास बाजार पर असर नहीं पड़ा है। इसी तरह चावल और मक्का की कीमतों में भी कोई विशेष परिवर्तन नहीं देखा गया और उसमें मांग भी सीमित ही रही।

पिछले दिन राजस्थान की कोटा मंडी में गेहूं का भाव 2610-2615 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा जबकि गेहूं की आवक 8 हजार बोरी से घटकर 7 हजार बोरी रह गई।

दरअसल राजस्थान में भारी वर्षा एवं बाढ़ का प्रकोप जारी है जिससे किसानों को अपने माल के साथ मंडियों तक पहुंचने में काफी कठिनाई हो रही है।

मौसम की हालत अनुकूल नहीं है। मौसम विभाग ने अगले सात दिनों के दौरान पूर्वी राजस्थान में जोरदार बारिश होने की संभावना व्यक्त की है। व्यापार विश्लेषकों के अनुसार कोटा मंडी में अगले 5-10 दिनों तक गेहूं का भाव मौजूद स्तर के आसपास ही रहने  के आसार हैं। 

उधर नवी मुम्बई के वाशी मार्केट में भी गेहूं का दाम 2800/2825 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर बना रहा। समीक्षकों के अनुसार बाजार पर स्टॉक सीमा में हुई कटौती का कोई प्रभाव नहीं देखा जा रहा है।

ऐसा प्रतीत होता है कि भंडारण सीमा में हुई कटौती महज बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए एक चेतावनी है और साथ ही साथ खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत गेहूं बेचने की प्रक्रिया आरंभ करने का एक संकेत ही है।

सरकार यह देखना चाहती है कि व्यापारियों / स्टॉकिस्टों के पास गेहूं का सीमित स्टॉक है या असीमित भंडार है। इसका खुला परिदृश्य सामने आने के बाद ओएमएसएस के माध्यम से गेहूं बेचने का निर्णय लेने में सरकार को आसानी होगी। 

उल्लेखनीय है कि नई भंडारण सीमा आदेश के तहत बड़े-बड़े व्यापारियों एवं थोक विक्रेताओं के लिए गेहूं के स्टॉक का उच्चतम स्तर 3000 टन से घटाकर अब 2000 टन नियत किया गया है।

खुदरा व्यापारियों एवं बिग चेन रिटेलर्स के लिए गेहूं के अधिकतम भंडारण की मात्रा 10-10 टन से घटकर 8-8 टन नियत की गई है जबकि प्रोसेसर्स के लिए मासिक सिंचित क्षमता के 70 प्रतिशत की तुलना में अब 60 प्रतिशत समतुल्य गेहूं का स्टॉक निर्धारित किया गया है। 

सितम्बर में त्यौहारों की श्रृंखला होने से गेहूं के दाम में 50-100 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी होने का अनुमान लगाया जा रहा है और व्यापार विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में तेजी आने के बाद सरकार ओएमएसएस के तहत अपने स्टॉक से गेहूं की बिक्री शुरू कर सकती है।