सुदूर दक्षिणी राज्यों में मूसलाधार वर्षा से रबी फसलों की बिजाई प्रभावित
27-Nov-2024 12:26 PM
तिरुअनन्तपुरम । देश के सुदूर दक्षिणी तमिलनाडु के अनेक भागों में पीछे दिन भारी वर्षा हुई और मौसम विभाग ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर जो निम्न दाब का क्षेत्र बना था वह अब गहरे डिप्रेशन में बदल गया है तथा 27 नवम्बर को यानी आज एक चक्रवाती तूफान के रुप में सघन हो सकता है। इससे राज्य में भारी वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है।
इसे देखते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई जिसमें तूफान से निपटने के लिए एहतियाती उपायों पर विचार-विमर्श किया गया और इस तूफान से आम लोगों को बचाने के लिए एनडीआरएफ तथा प्रांतीय राहत दल को तिरुवरुर, यमिलादुथुरई, नागपट्टिनम तथा कुड्डालोर जिलों के लिए रवाना कर दिया है जहां इस तूफान का प्रकोप ज्यादा गंभीर होने की आशंका है।
पिछले दिन तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई तथा इसके आसपास के जिलों- तिरुवल्लूर, चेंगलपेट एवं कांचीपुरम, उत्तरी तटीय नगर कुड्डालोर तथा कावेरी डेल्टा के कुछ जिलों में भारी वर्षा दर्ज की गई जिसमें नागपट्टिनम भी शामील है। उसके अलावा कुछ अन्य इलाकों में भी बारिश हुई।
वर्षा की वजह से न केवल वहां यातायात प्रभावित हुआ बल्कि खेतों में पानी जमा हो जाने से रबी फसलों की बिजाई पर भी असर पड़ा। किसान दलहन-तिलहन फसलों की खेती करने का प्रयास कर रहे थे।
वैसे रबी कालीन धान की रोपाई के लिए यह वर्षा अनुकूल मानी जा रही है और जहां फसलों की बिजाई हो चुकी है और बीज में अंकुरण के बाद पौधे जमीन से बाहर निकल चुके हैं वहां भी यह बारिश लाभदायक साबित हो सकती है।
लेकिन आंधी-तूफान के साथ आगे यदि मूसलाधार वर्षा होती है तो फसलों को नुकसान होने की आशंका बढ़ जाएगी।
मौसम विभाग ने यमिलादुथुरई, विल्लूपुरम, नागपट्टिनम, तिरुवरुर, तंजावुर तथा कुड्डालोर जैसे जिलों में अत्यन्त भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है।
