सोयाबीन एवं मूंगफली की खरीद की मात्रा बढ़ी- दलहनों की 100 प्रतिशत खरीद होगी
11-Feb-2025 12:03 PM
नई दिल्ली । केन्द्र सरकार ने समेकित प्रधानमंत्री अन्नदाता आम संरक्षण अभियान (पीएम- आशा) स्कीम को 15 वें वित्त आयोग चक्र के दौरान 2025-26 तक रखने को मंजूरी दे दी है जिसके तहत मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस), भावान्तर भुगतान योजना (पीडीपीएस), बाजार हस्तक्षेप स्कीम (एमआईएस) तथा मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) योजना शामिल है।
सरकार ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, तेलंगाना तथा छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में पीएसएस के तहत सोयाबीन की खरीद की स्वीकृति दी थी और इस योजना के तहत किसानों से 9 फरवरी 2025 तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 19.99 लाख टन सोयाबीन की खरीद की गई जिससे 8,46,251 किसान लाभान्वित हुए।
किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सोयाबीन की खरीद की अवधि 90 दिनों के लिए निर्धारित की गई थी मगर बाद में इसे महाराष्ट्र में 24 दिन तथा तेलंगाना में 15 दिन के लिए बढ़ा दी गई है।
इसी तरह आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत मूंगफली की खरीद की स्वीकृति दी गई थी।
इसके अंतर्गत 9 फरवरी 2025 तक राष्ट्रीय स्तर पर कुल 15.73 लाख टन मूंगफली की सरकारी खरीद हुई जिससे 4,75,183 किसानों को फायदा हुआ। बाद में मूंगफली की खरीद की समय सीमा गुजरात में 6 दिन तथा कर्नाटक में 25 दिन के लिए बढ़ाई गई।
दलहनों का घरेलू उत्पादन बढ़ाने तथा आयात पर निर्भरता घटाने के लिए सरकार ने किसानों को समुचित प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से तुवर, उड़द एवं मसूर की 100 प्रतिशत विपणन योग्य मात्रा की खरीद की स्वीकृति प्रदान की है।
केन्द्रीय आम बजट में भी घोषणा की गई है कि इन दलहनों की 100 प्रतिशत खरीद अगले चार वर्षों तक जारी रखी जाएगी।
