सोयाबीन-मूंगफली तथा दलहनों का भाव एमएसपी से नीचे
09-Oct-2025 04:55 PM
मुम्बई। उत्पादन में गिरावट आने की संभावना के बावजूद सोयाबीन का भाव सरकारी समर्थन मूल्य से काफी नीचे चल रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 26 सितम्बर 2025 को अखिल भारतीय स्तर पर सोयाबीन का औसत थोक मंडी भाव 3839 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया जो 2024-25 के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 4892 रुपए प्रति क्विंटल से 27 प्रतिशत तथा 2025-26 सीजन के लिए निर्धारित समर्थन मूल्य 5328 रुपए प्रति क्विंटल से करीब 39 प्रतिशत कम था।
सोयाबीन के बिजाई क्षेत्र में करीब 10 लाख हेक्टेयर की जोरदार गिरावट आई है और तीनों शीर्ष उत्पादक प्रांतों- मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र तथा राजस्थान में इसका रकबा घटा है।
इसके अलावा फसल को बाढ़ वर्षा से भी काफी नुकसान हुआ है। इसके फलस्वरूप इस महत्वपूर्ण तिलहन के घरेलू उत्पादन में जबरदस्त गिरावट आने की आशंका है।
उद्योग-व्यापार क्षेत्र का मानना है कि 2025-26 के वर्तमान खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान सोयाबीन का घरेलू उत्पादन लुढ़ककर 85-90 लाख टन के बीच सिमट सकता है।
उत्पादन में जोरदार गिरावट आने की आशंका के बावजूद मंडी भाव काफी नीचे रहने से किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। सरकार को अविलम्ब किसानों से एमएसपी पर इसकी खरीद शुरू करनी चाहिए।
मध्य प्रदेश में सोयाबीन के लिए इस बार भावान्तर गुजरात योजना लागू करने का निर्णय लिया गया है। मूंगफली का उत्पादन बेहतर होने के आसार है और मंडियों में नए माल की बढ़ती आवक के साथ इसकी कीमतों में नरमी देखी जा रही है।
दलहनों में तुवर एवं मूंग का थोक बाजार भाव सरकारी समर्थन मूल्य से नीचे है। तुवर में आगे कुछ तेजी आने की उम्मीद है जिससे यह एमएसपी के करीब पहुंच सकती है।
