शुरुआती आठ महीनों में 4.77 लाख टन से अधिक अरंडी तेल का निर्यात

18-Sep-2025 08:59 PM

मुम्बई। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि वर्तमान कैलेंडर वर्ष के शुरूआती आठ महीनों में यानी जनवरी-अगस्त 2025 के दौरान देश से कुल 4,77,409 टन अरंडी तेल का निर्यात हुआ। आमतौर पर दिसम्बर से जून तक इसका भारी निर्यात होता है और उसके बाद मात्रा घटने लगती है। 

'सी' की रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2025 में भारत से 40,592 टन अरंडी तेल का निर्यात हुआ जो अगस्त  2024 के शिपमेंट 49,473 टन तथा अगस्त 2023 के निर्यात 56,479 टन काफी कम रहा।

वर्ष 2024 की तुलना में 2025 के दौरान भारत से अरंडी तेल का निर्यात जनवरी में 53,204 टन से गिरकर 52,926 टन, फरवरी में 65,663 टन से घटकर 58,092 टन, अप्रैल में 72,801 टन से लुढ़ककर 63,373 टन, मई में भी 89,786 टन से लुढ़ककर 68,982 टन,

जून में 59,737 टन से गिरकर 56,412 टन तथा अगस्त में 49,473 टन से घटकर 40,592 टन पर अटक गया जबकि दूसरी ओर मार्च में 65,170 टन से सुधरकर  65,326 टन तथा जुलाई में 47,387 टन से बढ़कर 49,928 टन पर पहुंच गया। 

एसोसिएशन के अनुसार पिछले तीन वर्षों से अरंडी तेल के निर्यात में बढ़ोत्तरी  का रुख बना हुआ है। वर्ष 2022 की सम्पूर्ण अवधि (जनवरी-दिसम्बर) के दौरान देश से 5,82,399 टन अरंडी तेल का शिपमेंट हुआ था जो 2023 में बढ़कर 6,29,418 टन तथा वर्ष 2024 में सुधरकर 6,49,510 टन पर पहुंच गया। लेकिन वर्ष 2025 में इसका निर्यात प्रदर्शन कमजोर चल रहा है। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि राष्ट्रीय स्तर पर अरंडी का बिजाई क्षेत्र गत वर्ष के 7.64 लाख हेक्टेयर से 88 हजार हेक्टेयर बढ़कर इस बार 8.52 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।

सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त- गुजरात में इसका बिजाई क्षेत्र 5.80 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 6.45 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा। राजस्थान में भी क्षेत्रफल बढ़ने की सूचना है।