श्रीलंका में लाइसेंस मुक्त चावल के आयात की समय सीमा 10 जनवरी तक बढ़ी
20-Dec-2024 04:28 PM
कोलम्बो । श्रीलंका सरकार ने चावल के आयात पर लगे प्रतिबंध को अस्थायी रूप से हटाते हुए प्राइवेट व्यापारियों को 10 जनवरी 2025 तक लाइसेंस के बगैर विदेशों से चावल मंगाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। चालू माह के आरंभ में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने चावल के आयात पर लगी रोक को 20 दिसम्बर तक स्थगित रखने का निर्णय लिया था।
घरेलू प्रभाग में चावल के अभाव एवं बढ़ते दाम को देखते हुए यह कदम उठाया गया। दरअसल पिछले महीने की मूसलाधार वर्षा एवं भयंकर बाढ़ के प्रकोप से श्रीलंका में धान की फसल क्षतिग्रस्त हो गई थी जिससे वहां चावल का उत्पादन घटने की आशंका बढ़ गई।
समझा जाता है कि प्रतिबंध समाप्त होने के बाद से अब तक श्रीलंका में प्राइवेट व्यापारियों द्वारा लगभग 36 हजार टन चावल का आयात किया जा चुका है।
20 दिसम्बर को इसकी समय सीमा समाप्त होने से पूर्व ही लाइसेंस मुक्त आयात की अवधि 10 जनवरी 2025 तक बढ़ाने की घोषणा होने से वहां चावल का आयात आगामी दिनों में और तेजी से बढ़ने की संभावना है।
श्रीलंका के व्यापारी मुख्यत: भारत से चावल का आयात कर रहे हैं क्योंकि यह अपेक्षाकृत सस्ता पड़ता है। भारत से छोटी-छोटी खेप में समुद्री मार्ग से श्रीलंका को बहुत कम समय में चावल पहुंचाया जा सकता है।
श्रीलंका के आयातक भारत से नाडु चावल की खरीद को प्राथमिकता दे रहे हैं क्योंकि वहां इसे काफी पसंद किया जाता है। उद्योग समीक्षकों का मानना है कि यदि खरीद की मौजूदाा तेज गति बरकरार रही तो 10 जनवरी तक श्रीलंका में चावल का कुल आयात बढ़कर 50 हजार टन से ऊपर पहुंच जाएगा।
भारत सरकार गैर बासमती सफेद एवं सेला चावल के निर्यात पर लगे सभी नियंत्रणों-प्रतिबंधों एवं शुल्कों को पहले ही समाप्त कर चुकी है।
