तंजानिया में तुवर का उत्पादन 4 लाख टन होने का अनुमान
29-Aug-2025 05:23 PM
दार ए सलाम। अफ्रीकी देश तंजानिया में चालू वर्ष के दौरान अरहर (तुवर) का उत्पादन बढ़कर 4 लाख टन के करीब पहुंच जाने का अनुमान है और इस तरह वह भारत के बाद इसका दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश बन सकता है।
दरअसल पिछले साल तुवर का वैश्विक बाजार भाव उछलकर एक समय 1600 डॉलर प्रति टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था जिससे तंजानिया के किसानों को अत्यन्त आकर्षक आमदनी प्राप्त हुई थी और इसलिए तुवर की खेती में उसका उत्साह बढ़ गया। इससे वहां उत्पादन तो बढ़ा मगर भाव घटकर 600-750 डॉलर प्रति टन पर आ गया।
वास्तविकता यह है कि भारत दुनिया में तुवर का सबसे प्रमुख उत्पादक, उपभोक्ता एवं आयातक देश है और भारतीय मांग पर ही तुवर का वैश्विक बाजार भाव काफी हद तक निर्भर रहता है।
पिछले साल भारत में तुवर का काफी अभाव होने से दाम तेजी से बढ़ गया था जिसे देखते हुए निर्यातक देशों ने भी अपने माल का ऑफर मूल्य काफी बढ़ा दिया। लेकिन अब परिस्थिति बदल गई है।
भारत में अरहर का दाम घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य के आसपास या उससे नीचे आ गया है इसलिए भारतीय आयातकों ने ऊंचे दाम पर विदेशों में इसकी खरीदारी बंद कर दी।
लगभग सभी प्रमुख निर्यातक देशों- म्यांमार, तंजानिया, मोजाम्बिक, मलावी, सूडान एवं केन्या आदि में तुवर की घरेलू खपत बहुत कम होती है और वहां मुख्यतः निर्यात उद्देश्य के लिए इसका उत्पादन किया जाता है इसलिए जब निर्यात मांग कमजोर पड़ती है तो तुवर की कीमतों में भी स्वाभाविक रूप से गिरावट आ जाती है।
तंजानिया में तुवर के सुरक्षित भंडारण के लिए वेयर हाउस सुविधा के निर्माण की योजना बनाई गई है ताकि उत्पादकों को घटते बाजार भाव के कारण औने-पौने दाम पर अपना उत्पाद बेचने के लिए विवश न होना पड़े। भंडारण सुविधा मिलने पर किसान बाजार मूल्य में तेजी की प्रतीक्षा कर सकते हैं।
