तिल तथा सोयाबीन के उत्पादन में गिरावट आने की संभावना
12-Sep-2025 08:31 PM
नई दिल्ली। पिछले साल की तुलना में मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र 126.04 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 120.32 लाख हेक्टेयर तथा तिल का बिजाई क्षेत्र 10.62 लाख हेक्टेयर से गिरकर 10.14 लाख हेक्टेयर रह गया।
सोयाबीन की बिजाई तीनों शीर्ष उत्पादक राज्यों- मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान में पिछले साल से कम क्षेत्रफल में हुई है और फसल को प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान होने की सूचना भी मिल रही है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष के मुकाबले इस बार सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र मध्य प्रदेश में 53.88 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 51.20 लाख हेक्टेयर,
महाराष्ट्र में 51.34 लाख हेक्टेयर से घटकर 49.65 लाख हेक्टेयर तथा राजस्थान में 10.79 लाख हेक्टेयर से गिरकर 9.83 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। गुजरात में भी इसका रकबा गत वर्ष के 3 लाख हेक्टेयर से फिसलकर इस बार 2.78 लाख हेक्टेयर रह गया। राजस्थान एवं महाराष्ट्र में भारी वर्षा एवं बाढ़ से सोयाबीन की फसल को आंशिक नुकसान पहुंचने की आशंका है।
जहां तक तिल का सवाल है तो इसके बिजाई क्षेत्र की हालत भी उत्साहवर्धक नहीं है और प्राकृतिक आपदाओं से इसकी फसल को भी नुकसान पहुंचने की सूचना मिल रही है।
प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले वर्तमान खरीफ सीजन के दौरान तिल का उत्पादन क्षेत्र राजस्थान में 1.83 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 1.92 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर गुजरात में 49 हजार हेक्टेयर से गिरकर 41 हजार हेक्टेयर तथा मध्य प्रदेश में 3.30 लाख हेक्टेयर से घटकर 2.27 लाख हेक्टेयर रह गया।
उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश एवं कर्नाटक सहित अन्य राज्यों में भी तिल के बिजाई क्षेत्र में कमी-वृद्धि हुई है। ज्ञात हो कि तिल की खेती खरीफ के साथ-साथ रबी सीजन में भी होती है मगर सोयाबीन की बिजाई सिर्फ खरीफ सीजन में की जाती है।
