तमिलनाडु में सस्ते चाइनीज स्पन यार्न की क्रशिंग से स्वदेशी निर्माता परेशान
23-Apr-2025 07:10 PM
पल्लीपलायम। तमिलनाडु में इरोड के नजदीक स्थित एक छोटे से शहर - पल्लीपलायम को चीन- अमरीका व्यापार युद्ध का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। यह शहर भारत में विस्कोस स्पन यार्न (वीएसवाई) के उत्पादन के एक प्रमुख केन्द्र माना जाता है जिसका इस्तेमाल निटेड एवं वोवेन फैब्रिक्स में किया जाता है।
इस टेक्सटाइल कलस्टर (पल्लीपलायम) में 60 से भी अधिक स्पिनिंग मिल या मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां क्रियाशील हैं जिसमें केवल विस्कोस स्पन यार्न का उत्पादन होता है लेकिन अब वहां अमरीका चीन के ट्रेड वार की काली छाया पड़ने लगी है।
अत्यन्त ऊंचे सीमा शुल्क के कारण चीन को अमरीका में इस यार्न का निर्यात करने का अवसर नहीं मिल रहा है इसलिए वह भारत को सस्ते दाम पर इसका शिपमेंट करने लगा है जिससे तमिलनाडु में इसका उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
पल्लीपलायम के टेक्सटाइल निर्माताओं का कहना है कि चीन के उद्यमियों ने सस्ते दाम पर अपने स्पन यार्न की डम्पिंग आरंभ कर दी है जिससे इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता तेजी से बढ़ती जा रही है।
स्पन यार्न की डम्पिंग कांडला एवं मूंदड़ा सहित अन्य प्रमुख बंदरगाहों पर बढ़ती जा रही है। वहां आयातित माल का अम्बार लगना शुरू हो गया है।
परम्परागत रूप से विस्कोस स्टेपल फाइबर (वीएसएफ) मनुष्य द्वारा निर्मित एक फाइबर होता है जिसे स्पन करके वीएसवाई में बदला जाता है।
उद्योग समीक्षकों के अनुसार भारत में उत्पादित वीएसएफ की करीब 80 प्रतिशत मात्रा की खपत पल्लीपलायम में होती है जहां इससे धागा बनाया जाता है।
भारत में प्रतिदिन मिलों द्वारा लगभग 2200 टन वीएसएफ की खपत होती है जिसमें से अकेले पल्लीपलायम में 2000 टन तक का उपयोग हो जाता है।
