दलहनों के आयात से किसानों को हो रहे नुकसान को रोकने हेतु कदम उठाने का आग्रह

19-Sep-2025 07:54 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने एक कार्यालय ज्ञापन जारी करके व्यापारिक संगठन की उस मांग पर अपना स्पष्टीकरण जारी किया है जिसमें भारत में विदेशों से सस्ते दलहनों के विशाल आयात के प्रतिकूल प्रभाव को रोकने हेतु सरकार से तत्काल आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया था।

उल्लेखनीय है कि मुम्बई स्थित एक महत्वपूर्ण संस्था- दि ग्रेन, राइस एंड ऑयल सीड्स मर्चेंट्स एसोसिएशन ने 26 अगस्त 2025 को इस सम्बन्ध में भारत सरकार के अधीनस्थ निकाय- राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड को एक पत्र भेजा था और बोर्ड ने उस पर उचित कदम उठाने की अनुशंसा के साथ उसे कृषि मंत्रालय को अग्रसारित कर दिया था। 

इसी पत्र के जवाब में कृषि मंत्रालय ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि चूंकि दाल-दलहन सहित अन्य सभी आवश्यक कृषि जिंसों की आयात-निर्यात नीति खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव की अध्यक्षता वाली एक अंतर मंत्रालयी समिति द्वारा संचालित की जाती है इसलिए उसी विभाग से इस पत्र के बारे में आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है और अनुशंसा के साथ पत्र को वहां भेज दिया गया है। 

इससे पूर्व राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड ने कृषि मंत्रालय को भेजे अपने पत्र में कहा था कि नवी मुम्बई स्थित संस्था- दि ग्रेन, राइस एंड ऑयल सीड्स मर्चेंट्स एसोसिएशन की ओर से उसे एक पत्र (ज्ञापन) प्राप्त हुआ है जिसमें भारत में दलहन-तिलहन उद्योग पर विदेशों से होने वाले आयात के दुष्प्रभावों को रोकने के लिए सरकारी हस्तक्षेप की जरूरत पर जोर दिया गया है।

अतः खुदरा व्यापारियों के मुद्दों को उपयुक्त ढंग से सुलझाने हेतु आवश्यक कदम उठाने और इसके बारे में बोर्ड को सूचित करने का आग्रह किया जाता है। 

ध्यान देने की बात है कि ग्रेन, राइस, एंड ऑयल सीड्स मर्चेंट्स एसोसिएशन ने राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड को सौंपे अपने ज्ञापन में विदेशी आयात से स्वदेशी दलहन-तिलहन उद्योग के हितों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव का विस्तृत ब्यौरा प्रदान किया गया।

ज्ञापन में कहा गया था कि सस्ते आयात के कारण घरेलू प्रभाग में मसूर, चना, उड़द, तुवर का भाव काफी घट गया है और पीली मटर की कीमतों में भारी गिरावट आ गई है।

विदेशों से अत्यन्त सस्ते दाम पर दलहनों का आयात हो रहा है जिस पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल सरकार को हस्तक्षेप करने की आवश्यकता है।