दलहनों की कम कीमतें चिंता का विषय
12-Sep-2025 11:32 AM
दलहनों की कम कीमतें चिंता का विषय
★ किसानों के लिए फसल कटाई के बाद सबसे बड़ी चिंता दामों को लेकर रहेगी। वैश्विक बाजार में मंदी का दबाव। कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और रूस जैसे बड़े उत्पादक देशों में अच्छी फसल हुई है। भारत में बारिश से नुकसान के बावजूद अंतरराष्ट्रीय दाम कमजोर बने हुए हैं।
★ मसूर की कीमतें दबाव में हैं क्योंकि 2025-26 सीजन में कनाडा का उत्पादन 32 लाख टन रहने का अनुमान है। इसमें से लाल मसूर 14-14.5 लाख टन और हरी मसूर 11.5-12 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल से लगभग 60% अधिक है। ऑस्ट्रेलिया में मसूर का उत्पादन रिकॉर्ड 17.1 लाख टन रहने का अनुमान है, वहीं चना 21 लाख टन और मटर 2.2 लाख टन रहने की संभावना है।
★ म्यांमार का उच्च गुणवत्ता वाला उड़द अक्टूबर के लिए 860 डॉलर/टन और ब्राज़ील का 875 डॉलर/टन पर कोट हो रहा है। ऑस्ट्रेलिया से भारत को देशी चना 550 डॉलर/टन (अक्टूबर-नवंबर डिलीवरी) और कनाडा से हरी मसूर 615 डॉलर/टन की ऑफर है, जबकि रूस की पेशकश 710 डॉलर/टन (अक्टूबर) है।
★ मलावी और मोजाम्बिक से तूर 520 और 535 डॉलर/टन पर मिल रही है।
★ कनाडा और रूस भारत को पीली मटर 350 डॉलर/टन पर ऑफर कर रहे हैं।
★ कनाडा ने हरी मसूर के दाम पिछले एक महीने में लगभग 15% घटे। ये दाम रूस की ऑफर से भी कम हैं।
★ पीली मटर की कीमतें पिछले सप्ताह में 2-9% गिरी हैं, जिसे मौजूदा मंदी का सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है।
★ जल्द ही अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, रूस से मटर, चना, मसूर आयात होना शुरू हो जायेगा।
★ अफ्रीका और म्यांमार से आयात पहले से ही चालू है।
