दलहनों के विशाल स्टॉक के निर्यात में कनाडा को होगी भारी कठिनाई
11-Sep-2025 06:28 PM
ओटावा। दलहनों के एक अग्रणी उत्पादक एवं निर्यातक देश- कनाडा में चालू वर्ष के दौरान मटर मसूर एवं काबुली चना के बिजाई क्षेत्र में बढ़ोत्तरी होने तथा अनुकूल मौसम के सहारे औसत उपज दर में सुधार आने से दलहनों का कुल उत्पादन गत वर्ष से बेहतर होने के आसार हैं मगर अंतर्राष्ट्रीय बाजार में परिस्तिथियां इसके शानदार निर्यात के लिए अनुकूल नहीं है।
चीन और भारत कनाडाई मटर के दो प्रमुख खरीदार है लेकिन 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अगस्त-जुलाई) में इन दोनों मार्केट में कनाडा का निर्यात प्रदर्शन कमजोर रहने की संभावना है। इसी तरह भारत और तुर्की में कनाडा से मसूर का आयात सपेक्षाकृत कम हो सकता है क्योंकि भारत में दलहनों का भाव ज्यादा तेज नहीं है और तुर्की में मध्य एशिया के निकटवर्ती देशों से मसूर की आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद है।
कनाडा में दलहनों का उत्पादन उद्योग- व्यापार क्षेत्र की उम्मीद से बेहतर होने के आसार हैं। इसके साथ-साथ वहां दलहनों का अच्छा-खासा पिछला बकाया स्टॉक भी मौजूद है जिससे इसकी कुल आपूर्ति एवं उपलब्धता में अच्छी बढ़ोत्तरी हो जाएगी।
दूसरी ओर रूस में मटर तथा आसट्रेलिया में मसूर का बेहतर उत्पादन होने के आसार हैं। इससे अंतर्राष्ट्रीय निर्यात बाजार में कनाडा के दलहन निर्यातकों के लिए चुनौती और प्रतिस्पर्धा बढ़ जाएगी।
सरकारी एजेंसी- स्टेट्स कैन के आंकड़ों से पता चलता है कि इस बार कनाडा में दलहनों का स्टॉक बढ़कर पिछले अनेक वर्षों के शीर्ष स्तर पर पहुंच जाएगा।
कनाडा के समक्ष एक दूसरी समस्या दलहनों की क्वालिटी की है जिस पर गहरी नजर रखी जा रही है। वहां मसूर एवं मटर फसल की कटाई अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है।
अधिकांश रिपोर्ट में कहा गया है कि फसल कटाई के आरंभिक चरण में हुई बेमौसमी वर्षा से कटाई में देर हो गई और क्वालिटी आंशिक रूप से प्रभावित हुई।
हालांकि उसके बाद स्थिति में सुधार आने लगा लेकिन वास्तविक दशा का विवरण तभी सामने आ सकेगा जब फसल की कटाई पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
स्टैट्स कैन के अनुसार कनाडा में मटर का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में 13.7 प्रतिशत बढ़कर इस बार 34 लाख टन पर पहुंच सकता है जिसमें पीली मटर का योगदान 28 लाख टन एवं हरी मटर का योगदान 6-7 लाख टन रहेगा। यह अरंडी का अनुमान है जबकि उत्पादन का अंतिम आंकड़ा इससे भी ऊंचा रह सकता है।
