दलहन-तिलहन के लिए मास्टर प्लान

30-Nov-2024 11:57 AM

उत्तर प्रदेश सरकार ने दालों एवं खाद्य तेलों की मांग तथा आपूर्ति के बीच बेहतर संतुलन बनाने हेतु दलहन-तिलहन का उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष योजना तैयार की है।

यदि यह प्लान सफल हो गया तो न केवल राज्य के किसानों की आमदनी बढ़ेगी और आम उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर उत्पादों की आपूर्ति एवं उपलब्धता सुनिश्चित होगी बल्कि देश के अन्य प्रमुख दलहन-तिलहन उत्पादक राज्यों को भी इस तरह का प्लान बनाकर आत्मनिर्भर बनने का प्रोत्साहन मिलेगा।

आम लोगों को दैनिक उपयोग की तमाम आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता उचित मूल्य पर सुनिश्चित करने की दिशा में यह प्लान मील का पत्थर साबित हो सकता है।

उत्तर प्रदेश के कृषि विभाग ने 2023-24 से 2026-27 के चार वर्षों के लिए एक सम्पूर्ण कार्य योजना तैयार की है। इस समयावधि के दौरान इस योजना पर करीब 236 करोड़ रुपए की विशाल धनराशि खर्च की जाएगी और किसानों को हर संभव सहायता देने का प्रयास किया जाएगा।

इसके तहत दलहनों एवं तिलहनों के बीज का मिनीकिट मुफ्त में किसानों को उपलब्ध करवाया जाएगा और अनेक तरह का शिक्षण-प्रशिक्षण दिया जाएगा।

किसानों को उन्नत एवं आधुनिक विधि से फसलों की खेती के बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्रदान की जाएगी और प्रगतिशील किसानों के खेतों में उत्पादन के तौर-तरीके आजमाए जाएंगे।

किसान पाठशालाओं के विशेषज्ञों द्वारा कृषक समुदाय की नई-नई पद्धति से फसलों की बिजाई एवं देखभाल करना सिखाया जाएगा।

दलहनों के संवर्ग में उड़द, तुवर, मूंग, चना, मसूर एवं मटर जैसी फसलों को शामिल किया गया है जिसका उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसी तरह तिलहन फसलों के संवर्ग में तिल, मूंगफली, सरसों (राई) तथा अलसी का चुनाव किया गया है जिसकी पैदावार बढ़ाने की जोरदार कोशिश की जाएगी। 

यूपी एग्री योजना विश्व बैंक की सहायता से परिचालित हो रही है और इसके तहत राज्य को दलहन-तिलहन फसलों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

झांसी एवं इसके आसपास के क्षेत्रों में मूंगफली की खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से क्लस्टर के विकास का प्लान बनाया गया है।

राज्य सरकार तमाम योजनाओं एवं प्रयासों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए कृत संकल्प है और उसे पूरी उम्मीद है कि इससे उत्तर प्रदेश के किसानों का काया कल्प हो सकेगा।