दिसम्बर-फरवरी के दौरान ऑस्ट्रेलिया से 5.69 लाख टन मसूर का निर्यात
10-Apr-2025 05:53 PM
मेलबोर्न। मसूर के एक अग्रणी उत्पादक एवं निर्यातक देश- ऑस्ट्रेलिया में पिछले साल के मुकाबले 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में इस महत्वपूर्ण दलहन का निर्यात काफी घट गया और पिछला बकाया स्टॉक भी ज्यादा नहीं था। इसके फलस्वरूप कुल उपलब्धता में कमी आ गई। निर्यात पर इसका असर देखा जा रहा है।
सरकारी एजेंसी- ऑस्ट्रेलिया सांख्यिकी ब्यूरो (एबीएस) के आंकड़ों के अनुसार दिसम्बर 2024 से फरवरी 2025 की तिमाही के दौरान ऑस्ट्रेलिया से कुल मिलाकर 5,69,119 टन मसूर का निर्यात हुआ।
दिसम्बर में इसका शिपमेंट 2,50,655 टन हुआ था जो जनवरी में घटकर 1,69,353 टन तथा फरवरी में गिरकर 1,49,111 टन पर अटक गया। भारत में इसकी मांग कमजोर पड़ती जा रही है।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया से भारत को दिसम्बर में 1,09,428 टन, जनवरी में 82,471 टन तथा फरवरी में 59,264 टन के साथ पूरी तिमाही में 2,51,163 टन मसूर का निर्यात किया गया।
एक समीक्षक के अनुसार मार्च में मसूर का बल्क निर्यात भारत को 21 हजार टन होने का अनुमान है और वह भी नियत वार्षिक कोटे का हिस्सा है जिस पर आधा शुल्क लगता है।
भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया से समीक्षाधीन तिमाही के दौरान बांग्ला देश को करीब 2.08 लाख टन, श्रीलंका को 45 हजार टन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को 26 हजार टन, पाकिस्तान को 15 हजार टन तथा नेपाल को 12 हजार टन मसूर का निर्यात हुआ
जबकि शेष भाग का शिपमेंट बहरीन, मिस्र, इटली, जापान, लेबनान, मारीशस, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया, ताइवान, थाईलैंड तथा हॉलैंड जैसे देशों को किया गया।
भारत में मसूर के नए माल की जोरदार आवक होने लगी है और इसकी कीमतों में नरमी या स्थिरता का माहौल बना हुआ है।
मसूर पर 11 प्रतिशत का आयात शुल्क भी लागू हो गया है। इसके फलस्वरूप अगले कुछ महीनों तक भारत में मसूर के आयात की गति धीमी रह सकती है।
