धान का रकबा घटाने तथा दलहन-तिलहन का उत्पादन बढ़ाने का प्लान
05-May-2025 07:35 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा है कि सरकार ने धान के क्षेत्रफल में 50 लाख हेक्टेयर की कटौती करने और इस बचे हुए क्षेत्र में दलहन-तिलहन की खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इस रकबे में खेती के जरिए 100 लाख टन दलहन-तिलहन के उत्पादन का लक्ष्य नियत किया गया है। इससे घरेलू प्रभाग में स्वदेशी स्रोतों से दाल-दलहन एवं खाद्य तेल-तिलहन की आपूर्ति बढ़ाने तथा विदेशों से इसके आयात पर निर्भरता घटाने में सहायता मिलेगी।
भारत में प्रति वर्ष अत्यन्त विशाल मात्रा में दलहनों एवं खाद्य तेलों का आयात करने की आवश्यकता पड़ती है जिस पर भारी-भरकम बहुमूल्य विदेशी मुद्रा खर्च होती है।
कृषि मंत्री के अनुसार सरकार "(-) 5 एवं (+) 10" योजना की तैयारी शुरू कर दी है जिसके तहत धान का उत्पादन क्षेत्र 50 लाख हेक्टेयर घटाया जाएगा और दलहन-तिलहन का उत्पादन 100 लाख टन (2000 किलो प्रति हेक्टेयर की औसत उत्पादकता के आधार पर बढ़ाया जाएगा। इस लक्ष्य को हासिल करना संभव है।
धान का रकबा घटाकर उसकी जगह दलहन-तिलहन फसलों का बिजाई क्षेत्र बढ़ाने का असली कारण यह है कि देश में खाद्य तेलों एवं दलहनों का उत्पादन घरेलू मांग एवं जरूरत से काफी कम होता है जिससे विदेशों से इसके आयात पर निर्भरता बढ़ती जा रही है।
खाद्य तेलों एवं दलहनों के उत्पादन में आत्मनिर्भता हासिल करना एक गंभीर चुनौती है और इसके लिए समेकित प्रयास की सख्त जरूरत है। सामूहिक प्रयास एवं पारस्परिक सहयोग से इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया जा सकता है।
सरकार इसके लिए अलग-अलग मिशन पहले ही लांच कर चुकी है। इस मिशन को सफल बनाने के लिए सभी सम्बद्ध पक्षों को एक साथ मिलकर काम करना होगा।
चुनौती बड़ी है और लक्ष्य भी बड़ा है। कृषि वैज्ञानिकों को इसमें अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका निभानी पड़ेगी। सरकार का पूरा सहयोग समर्थन भी जारी रहेगा।
