उर्वरक आयात के लिए कई देशों से बातचीत जारी

20-Mar-2026 11:53 AM

नई दिल्ली। ईरान संकट को देखते हुए और मौजूदा जायद एवं आगामी खरीफ सीजन की जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार उर्वरकों की पर्याप्त आपूर्ति एवं उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। उर्वरकों के आयात के लिए रूस, मोरक्को एवं बेलारूस जैसे देशों के साथ बातचीत की जा रही है।

दरअसल पश्चिम एशिया के संकट एवं चीन द्वारा निर्यात पर लगाएं गए प्रतिबंध के कारण भारत को उर्वरक आयात के वैकल्पिक स्रोतों की तलाश करनी पड़ रही है। भारत दुनिया में रासायनिक उर्वरकों के अग्रणी आयातक देशों में शामिल है। 

हालांकि भारत सरकार का दावा है कि कृषि क्षेत्र की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए देश में उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है लेकिन आगामी खरीफ सीजन में इसके किसी भी संभावित अभाव के संकट को टालने के लिए आयात बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि भारत में यूरिया, डीएपी तथा मुरियट ऑफ पोटाश जैसे रासायनिक उर्वरकों का भारी आयात किया जाता है। इसके साथ-साथ लिक्विफाइड नेचुरल गैस भी मंगाई जाती है जो यूरिया उत्पादन के लिए आवश्यक है।

ध्यान देने वाली बात है कि भारत लगभग 50 प्रतिशत यूरिया एवं डीएपी का आयात पश्चिम एशिया से करता है। इसके तहत सऊदी अरब से डीएपी तथा ओमान से यूरिया का सर्वाधिक आयात होता है लेकिन फिलहाल वहां से आयात में भारी कठिनाई हो रही है इसलिए अन्य देशों से इसे मंगाने का प्रयास जारी है।