उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका से कालीमिर्च का भाव मजबूत रहने के आसार

09-Apr-2025 04:51 PM

कोच्चि। देश के दोनों शीर्ष उत्पादक राज्यों- कर्नाटक एवं केरल में मौसम की हालत अनुकूल नहीं होने से इस बार कालीमिर्च के उत्पादन में जोरदार गिरावट आने की आशंका है जबकि इसका पिछला बकाया स्टॉक भी कम है। कर्नाटक में फसल की हालत काफी खराब बताई जा रही है।

वहां नए माल की छिटपुट आवक शुरू हो गई है जबकि केरल में दिसम्बर-जनवरी से ही आवक हो रही है। आगामी समय में कर्नाटक की मंडियों में कालीमिर्च की आपूर्ति तो बढ़ेगी मगर इसका भारी दबाव पड़ने की संभावना कम है। इससे बाजार भाव में मजबूती का माहौल बरकरार रह सकता है। 

केरल में कोच्चि के टर्मिनल मार्केट में सीमित आवक एवं बेहतर मांग के कारण कालीमिर्च का मूल्य सुधरकर 740/750 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया। व्यापार विश्लेषकों के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष के दौरान कर्नाटक में कालीमिर्च का उत्पादन 30-35 प्रतिशत घटने की संभावना है।

कुछ कारोबारी तो वहां उत्पादन में 45.50 प्रतिशत तक की जोरदार गिरावट आने का अनुमान व्यक्त कर रहे हैं। यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो आगामी महीनों के दौरान घरेलू प्रभाग में इस महत्वपूर्ण मसाला की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल हो सकती है। इसके फलस्वरूप घरेलू बाजार भाव तेज होने तथा विदेशों से आयात बढ़ने की संभावना रहेगी। 

भारत में मुख्यतः श्रीलंका एवं वियतनाम से कालीमिर्च का आयात होता है जबकि आवश्यकता पड़ने पर इंडोनेशिया एवं ब्राजील सहित कई अन्य देशों से भी इसे मंगाया जाता है।

घरेलू उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका को देखते हुए स्टॉकिस्टों एवं निर्यातकों ने कालीमिर्च की खरीद बढ़ाने का प्रयास तेज कर दिया है ताकि इसका बेहतर स्टॉक बनाया जा सके। केरल में भी उत्पादन 15-20 प्रतिशत घटने की संभावना व्यक्त की जा रही है। 

मसाला निर्माता कालीमिर्च की खरीद में अच्छी दिलचस्पी दिखा सकते हैं। मसाला तेल तथा ओलियोरेसिन की वैश्विक मांग मजबूत बनी हुई है।

मसाला बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार भारत से अप्रैल-दिसम्बर 2024 के नौ महीनों में कालीमिर्च का निर्यात बढ़कर 15,321 टन पर पहुंच गया जो अप्रैल-दिसम्बर 2023 के शिपमेंट 12,477 टन से 23 प्रतिशत अधिक रहा। इसकी निर्यात आय भी 510.19 करोड़ रुपए से 45 प्रतिशत उछलकर 741.26 करोड़ रुपए पर पहुंच गई।