उत्पादन में गिरावट से छोटी इलायची का भाव मजबूत रहने के आसार

05-Mar-2025 08:02 PM

कोच्चि। केरल तथा तमिलनाडु जैसे शीर्ष उत्पादक प्रांतों में गत वर्ष फसल की प्रगति के चरण में मौसम अनुकूल नहीं रहने से छोटी इलायची के उत्पादन में भारी गिरावट आने की आशंका है।

इसी तरह सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश- ग्वाटेमाला में भी फसल को खराब मौसम से काफी हानि हुई है। मुस्लिम बहुल खाड़ी क्षेत्र के देशों में रमजान की मांग बनी हुई है

जबकि नीलामी केन्द्रों में इलायची की आवक अपेक्षाकृत कम हो रही है। घरेलू मांग सामान्य देखी जा रही है। इस बार नई फसल की तुड़ाई-तैयारी में भी देरी हो गई और आपूर्ति में जटिलता कायम है। 

पिछले दिन हुई नीलामी में लगभग 19 टन इलायची की बिक्री का ऑफर दिया गया जो इससे पूर्व की नीलामी में हुई आवक 16 टन से अधिक है।

आपूर्ति कुछ ज्यादा होने तथा मांग कमजोर रहने से इलायची का औसत नीलामी मूल्य 2807 रुपए प्रति किलो से घटकर 2751 रुपए प्रति किलो रह गया।

नीलामी केन्द्रों में छोटी इलायची की आपूर्ति का दबाव आगामी समय में घटते जाने की संभावना है जिससे कीमतों में मजबूती आ सकती है।

उत्पादन घटने एवं आगे दाम बढ़ने की संभावना को देखते हुए उत्पादकों में इलायची का स्टॉक दबाने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। 

ग्वाटेमाला की इलायची की क्वालिटी भारतीय उत्पाद से कमजोर होती है और वहां इसका लागत खर्च भी कम बैठता है  इसलिए उसका दाम नीचे रहता है।

लेकिन इस बार कमजोर उत्पादन के कारण उसने अपनी इलायची का भाव बढ़ा दिया है जिससे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमतों की दृष्टि से भारतीय इलायची काफी हद तक- प्रतिस्पर्धी स्तर पर पहुंच गई है और इसके निर्यात प्रदर्शन में सुधार देखा जा रहा है। ऑफ सीजन में इसका मूल्य कुछ मजबूत रहने की उम्मीद है।