उत्तर प्रदेश में गेहूं का उत्पादन कुछ घटने की संभावना
04-Mar-2025 08:33 PM
नई दिल्ली। स्वदेशी उद्योग-व्यापार क्षेत्र द्वारा करवाए गए प्रथम सर्वेक्षण से पता चलता है कि यद्यपि 2023-24 की तुलना में 2024-25 के रबी सीजन में राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं का उत्पादन 8.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1098.50 लाख टन पर पहुंच सकता है
मगर सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य- उत्तर प्रदेश में उत्पादन 0.6 प्रतिशत गिरकर 320.50 लाख टन पर अटक सकता है। वहां गेहूं के बिजाई क्षेत्र में 0.4 प्रतिशत की कमी आई और कुछ क्षेत्रों में फसल की हालत संतोषजनक नहीं है।
दूसरी ओर मध्य प्रदेश में गेहूं का रकबा पिछले साल की तुलना में इस बार 4.2 प्रतिशत बढ़ा है और मौसम की हालत भी काफी देखी जा रही है जिससे वहां इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न के उत्पादन में 8 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद व्यक्त की गई है।
इसके अलावा राजस्थान, गुजरात तथा पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी गेहूं का उत्पादन बढ़ने के आसार हैं। केन्द्रीय पूल में गेहूं का सर्वाधिक योगदान देने वाले पांच राज्यों- पंजाब, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान में फसल की हालत मिश्रित अवस्था में हैं लेकिन कुल मिलाकर इसे संतोषजनक माना जा रहा है।
राष्ट्रीय स्तर पर इस बार गेहूं के बिजाई क्षेत्र में 14-15 लाख हेक्टेयर की भारी बढ़ोत्तरी होने का अनुमान लगाया गया है इसलिए कुछ इलाकों में फसल को थोड़ा- बहुत नुकसान होने के बावजूद सकल उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी हो सकती है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2023-24 के रबी सीजन में गेहूं का घरेलू उत्पादन 1132.90 लाख टन आंका था और उसके आधार पर 2024-25 के वर्तमान रबी सीजन के लिए 1150 लाख टन के रिकॉर्ड उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
उद्योग-व्यापार संगठनों का कहना है कि गेहूं का वास्तविक उत्पादन इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य तक पहुंचना तो मुश्किल है लेकिन 2023-24 सीजन से बेहतर होना लगभग निश्चित है।
मार्च के मौसम पर सबकी निगाह केन्द्रित है क्योंकि मौसम विभाग ने आगामी दिनों में दिन तथा रात के तापमान में भारी बढ़ोत्तरी होने की संभावना व्यक्त की है।
