उत्तर प्रदेश में खरीफ फसलों का शानदार उत्पादन होने के आसार

10-Sep-2025 06:30 PM

लखनऊ। मानसून की अच्छी बारिश होने तथा मौसम की हालत अनुकूल रहने से इस वर्ष उत्तर प्रदेश में न केवल खरीफ फसलों के बिजाई क्षेत्र में इजाफा हुआ है बल्कि उसकी स्थिति भी बेहतर है। यद्यपि राज्य के कुछ जिलों में बाढ़-वर्षा का प्रकोप देखा जा रहा है लेकिन फिर भी कुल मिलाकर खरीफ फसलों का शानदार उत्पादन होने का अनुमान लगाया जा रहा है। 

उत्तर प्रदेश में इस वर्ष 5 सितम्बर तक खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 138.40 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 124.40 लाख हेक्टेयर से 11 प्रतिशत या 14 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। इतना ही नहीं बल्कि मौजूदा आंकड़ा पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 115.20 लाख हेक्टेयर से भी 20 प्रतिशत अधिक है। वहां विभिन्न फसलों का विकास बेहतर ढंग से हो रहा है और इसे कहीं भी बहुत ज्यादा क्षति होने की सूचना नहीं है। 

पिछले साल के मुकाबले चालू खरीफ सीजन के दौरान उत्तर प्रदेश में धान का उत्पादन क्षेत्र 13.5 प्रतिशत बढ़कर 71.05 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है। यह वृद्धि देश के किसी भी एक राज्य की तुलना में सबसे ज्यादा है।

राष्ट्रीय स्तर पर धान का क्षेत्रफल 4.7 प्रतिशत बढ़ा है। कुछ अन्य फसलों की बिजाई में भी अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है लेकिन गन्ना का रकबा 27.25 लाख हेक्टेयर से गिरकर 27.05 लाख हेक्टेयर रह गया। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश भारत में गन्ना का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है और वहां धान के बाद गन्ना का क्षेत्रफल ही सबसे ज्यादा रहता है।  

गत वर्ष के मुकाबले मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान उत्तर प्रदेश में बाजरा का बिजाई क्षेत्र 34 प्रतिशत उछलकर 11.11 लाख हेक्टेयर, मक्का का उत्पादन क्षेत्र 5-8 प्रतिशत सुधरकर 8.20 लाख हेक्टेयर तथा ज्वार का क्षेत्रफल 15.3 प्रतिशत बढ़कर 3.09 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। 

उत्तर प्रदेश में इस बार दलहन- तिलहन फसलों की खेती पर भी किसानों ने अच्छा ध्यान दिया है। इसके फलस्वरूप राज्य में गत वर्ष के मुकाबले इस बार अरहर (तुवर) का उत्पादन क्षेत्र 5 प्रतिशत बढ़कर 3.79 लाख हेक्टेयर, उड़द का बिजाई क्षेत्र 1.3 प्रतिशत सुधरकर 4.63 लाख हेक्टेयर,

मूंगफली का रकबा 32.3 प्रतिशत उछलकर 3.56 लाख हेक्टेयर तथा तिल का क्षेत्रफल 24.4 प्रतिशत बढ़कर 4.39 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया खरीफ फसलों की बिजाई का अभियान लगभग समाप्त हो चुका है।