उत्तर प्रदेश में धान की सरकारी खरीद गत वर्ष से बेहतर
27-Nov-2024 03:04 PM
लखनऊ । देश के एक अग्रणी चावल उत्पादक राज्य- उत्तर प्रदेश में 2024-25 के वर्तमान खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान धान की सरकारी खरीद की गति पिछले साल से तेज है और किसान सरकारी क्रय केन्द्रों पर भारी मात्रा में अपना उत्पाद लेकर पहुंच रहे हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब तक 7.30 लाख टन से अधिक धान की खरीद हो चुकी है जो पिछले साल की समान अवधि की खरीद 5.80 लाख टन से काफी अधिक है। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार पिछले 48 घंटे के अंदर धान के मूल्य के तौर पर 1.05 लाख किसानों को 1464 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया।
चालू वर्ष के दौरान उत्तर प्रदेश में धान का शानदार उत्पादन होने की उम्मीद है क्योंकि मौसम अनुकूल रहने तथा मानसून की अच्छी वर्षा होने से धान की औसत उपज दर में सुधार आने के संकेत मिल रहे हैं।
धान की पर्याप्त खरीद सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश में 4215 क्रय केन्द्र स्थापित किए गए हैं जहां निर्बाध, पारदर्शी एवं पूरी कार्य कुशलता के तरीकों से धान खरीदा जा रहा है। इससे किसानों को अच्छी राहत मिल रही है।
केन्द्र सरकार ने 2024-25 के मार्केटिंग सीजन हेतु धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5.4 प्रतिशत बढ़ाकर सामान्य श्रेणी के लिए 2300 रुपए प्रति क्विंटल तथा 'ए' ग्रेड के लिए 2320 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।
शुरूआती चरण के दौरान उत्तर प्रदेश में धान की खरीद की मात्रा इतने ऊंचे स्तर पर पहुंचने को एक बेहतर उपलब्धि माना जा रहा है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तो धान की नई फसल की कटाई-तैयारी अक्टूबर में ही आरंभ हो गई थी जबकि अब पूर्वी जिलों में भी कटाई शुरू हो गई है। बाजार भाव नीचे होने से किसान इस बार सरकारी क्रय केन्द्रों पर धान की बिक्री बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। मिलर्स-प्रोसेसर्स एवं व्यापारियों-स्टॉकिस्टों की सीमित खरीद भी जारी है।
सरकार को भरोसा है कि इस बार उत्तर प्रदेश में धान की खरीद नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है। किसानों के बैंक खाते में सही समय पर धान के मूल्य का भुगतान भी हो रहा है।
