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22-Sep-2026 04:59 PM
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार की अधीनस्थ एजेंसी- भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) की देहरादून शाखा द्वारा उत्तराखंड में धान की खरीद के लिए सुयोग्य एवं सक्षम सहकारी समितियों से इच्छा की अभिव्यक्ति (ईओआई) आमंत्रित की गई है। महासंघ द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि फसल आने तक किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान की खरीद से सम्बन्धित सभी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार होंगे।
2026-27 के खरीफ सीजन में उत्पादित धान की खरीद की जानी है। इसके लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 7 अक्टूबर 2026 नियत की गई है। आवेदकों को जिन गतिविधियों का संचालन करना आवश्यक होगा उसमें किसानों से धान की खरीद, उसकी पैकिंग कस्टडी, परिवहन, भंडारण चावल की डिलीवरी आदि शामिल है। धान से 67 प्रतिशत चावल की औसत रिकवरी दर मान्य है। इस कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की डिलीवरी राज्य सरकार को की जाएगी और इसमें गुणवत्ता मानकों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उत्तराखंड के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा जो मात्रा निर्धारित की जाएगी उसके अनुरूप उसे चावल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
आमतौर पर प्रमुख उत्पादक राज्यों में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) एवं उसकी सहयोगी प्रांतीय एजेंसियों द्वारा केन्द्रीय पूल के लिए किसानों से एमएसपी पर गैर बासमती या सामान्य श्रेणी के धान की खरीद की जाती है। लेकिन उत्तराखंड में एनसीसीएफ ने भी सहकारी समितियों के माध्यम से धान खरीदने का निर्णय लिया है।