विभिन्न राज्यों की मजबूत मांग से तुवर के दाम में तेजी बरकरार
27-Nov-2024 01:18 PM
नई दिल्ली । हालांकि प्रमुख उत्पादक राज्यों की कुछ मंडियों में नई तुवर की छिटपुट आवक शुरू हो गई है और पुराने स्टॉक के साथ-साथ विदेशों से नियमित आयात भी हो रहा है लेकिन इसके बावजूद कीमतों में नरमी के बजाए तेजी-मजबूती का माहौल देखा जा रहा है।
जिंस बाजार के एक अग्रणी विश्लेषक एवं आई ग्रेन इंडिया के डायरेक्टर राहुल चौहान का कहना है कि विभिन्न राज्यों के नागरिक आपूर्ति निगमों की तुवर में मांग मजबूत बनी हुई है और दाल मिलर्स के पास भी इसका अच्छा स्टॉक उपलब्ध नहीं है।
अपने दाल प्लांटों को क्रियाशील रखने के लिए मिलर्स नई तुवर के आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कुछ राज्यों में पीडीएस तथा मध्याहन भोजन स्कीम के तहत तुवर दाल की आपूर्ति की जाती है।
राहुल चौहान के अनुसार कुल मिलाकर तुवर फसल की हालत अच्छी प्रतीत होती है जबकि नमी के उचित अंश के साथ नई तुवर की जोरदार आवक शुरू होगी तब दाल मिलर्स उसकी खरीद में भारी दिलचस्पी दिखाएंगे।
तुवर का भाव आगामी समय में इसके उत्पादन एवं खरीद-बिक्री पर निर्भर करेगा। ऐसा लगता है कि मिलर्स की अच्छी मांग एवं लिवाली जारी रहने तक तुवर की कीमतों में ज्यादा नरमी नहीं आएगी।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर अरहर (तुवर) का बिजाई क्षेत्र पिछले साल के 40.74 लाख हेक्टेयर से 14 प्रतिशत बढ़कर इस बार 46.50 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। बाजार भाव काफी ऊंचा होने से किसानों ने इसकी बिजाई में काफी उत्साह दिखाया।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के प्रथम अग्रिम अनुमान के अनुसार 2024-25 के खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान तुवर का घरेलू उत्पादन कुछ सुधरकर 35.02 लाख टन पर पहुंच सकता है जो 2023-24 सीजन के अनुमानित उत्पादन 34.17 लाख टन से 85 हजार टन ज्यादा है।
कर्नाटक रेड ग्राम ग्रोअर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा है कि कलबुर्गी जिले में तुवर की फसल परिपक्वता एवं पकने के विभिन्न चरण से गुजर रही है और अगले दो-तीन सप्ताहों में इसकी जोरदार कटाई-तैयारी तथा मंडियों में आवक शुरू होने की उम्मीद है।
