वैश्विक आपूर्ति बढ़ने से तंजानिया में तुवर का भाव कमजोर

28-Aug-2025 08:52 PM

दारेसलाम। विश्व स्तर पर आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम होने तथा आयातक देशों में मांग कमजोर पड़ने से अफ्रीकी देश- तंजानिया में अरहर (तुवर) का भाव घटकर काफी नीचे आ गया है।

तंजानिया मर्केंटाइल एक्सचेंज के अनुसार अन्तर्राष्ट्रीय बाजार की गतिशीलता और खासकर भारत में शुल्क मुक्त आयात की नीति स्थानीय बाजार में तुवर की कीमतों में उतार-चढ़ाव  में निर्णायक भूमिका निभा रही है।

चूंकि भारत दुनिया में तुवर का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं आयातक देश है इसलिए वहां मांग एवं कीमत में आने वाले परिवर्तन का भारी असर निर्यातक देशों पर पड़ता है।

भारत में तुवर के शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है जिससे वहां पूर्वी अफ्रीकी देशों और म्यांमार से इसका भारी आयात हो रहा है। भारतीय आयातकों को शुल्क मुक्त आयात की सुविधा का लाभ मिल रहा है।

शानदार आयात होने से भारत में तुवर का घरेलू बाजार भाव घटकर नीचे आ गया है इसलिए आयातक किसी भी आपूर्तिकर्ता देश से ऊंचे दाम पर इसकी खरीद नहीं करना चाहते हैं। इससे तंजानिया की तुवर की मांग एवं कीमत प्रभावित हो रही है। 

एक्सचेंज के सीईओ का कहना है कि कीमतों में गिरावट आने के बावजूद भारतीय बाजार एक विश्वसनीय निर्यात चैनल बना हुआ है और तंजानिया के किसानों को इससे राहत मिल रही है।

सीईओ के अनुसार वैश्विक बाजार में मांग की तुलना में तुवर की आपूर्ति ज्यादा हो रही है जिससे कीमतों पर दबाव पड़ना स्वाभाविक ही है। तंजानिया के तुवर उत्पादकों के लिए भारतीय बाजार जीवनरेखा (लाइफ लाइन) बनी हुई है लेकिन उन्हें इसका अपेक्षित मूल्य प्राप्त नहीं हो रहा है। 

तुवर का वैश्विक बाजार भाव पिछले साल उछलकर 1.60 डॉलर प्रति किलो के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया था जो अब लुढ़ककर 0.60 से 0.75 डॉलर प्रति किलो के बीच आ गया है। तंजानिया में तुवर का उत्पादन 4 लाख टन के आसपास होने का अनुमान है। वहां इसकी घरलू खपत कम होती है।