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100 प्रतिशत टूटे चावल के निर्यात मूल्य में अच्छी वृद्धि

07-Oct-2026 03:30 PM

100 प्रतिशत टूटे चावल के निर्यात मूल्य में अच्छी वृद्धि

मुम्बई। अफ्रीकी देशों की मजबूत मांग से 100 प्रतिशत टूटे भारतीय सफेद (कच्चे) चावल की कीमतों में अच्छी तेजी देखी जा रही है। पिछले 6-7 महीनों के दौरान इसके फ्री ऑन बोर्ड औसत इकाई निर्यात ऑफर मूल्य में 36 डॉलर प्रति टन का इजाफा हो गया और वर्तमान समय में यह 320 डॉलर प्रति टन के आसपास चल रहा है। घरेलू प्रभाग में भी एथनॉल निर्माण उद्योग में इस टुकड़ी चावल की भारी मांग देखी जा रही है। 

यद्यपि चीन ने अनर्गल आरोप लगाते हुए भारत के सात चावल निर्यातकों का रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया है लेकिन भारत से चावल के सकल निर्यात पर इसका कोई विशेष असर पड़ने की संभावना नहीं है। समझा जाता है कि चीन अपनी जरूरत के चावल का अधिशेष भाग पहले ही मंगा चुका है।

भारत में पहले 100 प्रतिशत टूटे चावल के आयात पर प्रतिबंध लगा हुआ था लेकिन मार्च 2025 में इसे समाप्त कर दिया गया। इसके साथ ही वहां भारत से टुकड़ी चावल का निर्यात तेजी से बढ़ने लगा। वर्ष 2026 में भारत चीन को इस चावल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन गया। उधर अफ्रीका के गरीब देशों में इस सस्ते चावल की जोरदार मांग बनी हुई है। वियतनाम सहित कुछ अन्य देश भी भारत से टुकड़ी चावल का आयात करते रहते हैं।