आगामी महीनों में चावल का वैश्विक बाजार भाव तेज होने की उम्मीद
18-May-2026 12:20 PM
हैदराबाद। विश्व स्तर पर चावल के उत्पादन में करीब 50 लाख टन की कमी आने तथा उपयोग में 38 लाख टन की वृद्धि होने का अनुमान लगाया जा रहा है जिससे आगामी महीनों के दौरान इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न का भाव अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ऊंचा एवं तेज रह सकता है। कुछ अन्य कारक भी इसमें योगदान दे सकते हैं। पश्चिम एशिया में जारी संकट एवं क्रूड खनिज तेल के ऊंचे मूल्य और अल नीनो की वजह से मौसम में आने वाले बदलाव के कारण भी चावल की कीमतों में तेजी-मजबूती का माहौल बना रह सकता है।
एक अग्रणी रेटिंग एजेंसी के अनुसार वर्ष 2026 में चावल का औसत वार्षिक वायदा मूल्य 11.7-12.5 डॉलर प्रति सीडब्ल्यूटी के बीच रह सकता है। मालूम हो कि एक सीडब्ल्यूटी 45.36 किलो के बराबर होता है। मौसम सम्बन्ध जोखिम के साथ-साथ रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता का संकट भी बरकरार रहने की संभावना है जिससे चावल का वैश्विक उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) ने पिछले सप्ताह जारी अपनी मासिक रिपोर्ट में चावल का वैश्विक उत्पादन 2025-26 सीजन के 53.78 करोड़ टन की तुलना में 2026-27 सीजन के दौरान 50 लाख टन घटने का अनुमान लगाया है।
इसके तहत चावल का उत्पादन भारत में 20 लाख टन, म्यांमार में 10 लाख टन और अमरीका में भी 10 लाख टन कम होने की संभावना व्यक्त की गई है जबकि शेष गिरावट कुछ देशों में आएगी। दूसरी ओर चावल का वैश्विक उपयोग 38 लाख टन की वृद्धि के साथ 54.14 करोड़ टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। दक्षिण एशिया और खासकर भारत तथा अफ्रीका के उप-सहारा क्षेत्र में चावल की खपत बढ़ने की संभावना व्यक्त की गई है।
कम उत्पादन एवं अधिक उपयोग के कारण चावल का वैश्विक बकाया स्टॉक 36 लाख टन घटकर 19.27 करोड़ टन रह जाने का अनुमान है। भारत, कम्बोडिया इंडोनशिया एवं अमरीका में चावल के स्टॉक में सबसे ज्यादा गिरावट आएगी।
