आपूर्ति बढ़ने से दलहनों के भाव में नरमी
24-Mar-2026 10:25 AM
मुम्बई। रबी कालीन दलहन फसलों और खासकर चना तथा मसूर के नए माल की आपूर्ति इसके सापेक्ष मांग कमजोर है। चना तथा मसूर की कीमतों में नरमी देखी जा रही है। वैसे चना की सरकारी खरीद पहले ही आरंभ हो चुकी है इसलिए आगामी समय में इसके दाम में सीमित उतार-चढ़ाव का माहौल रहने की संभावना है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अखिल भारतीय स्तर पर चना का औसत थोक मंडी भाव 21 मार्च को समाप्त हुए सप्ताह में 5042.55 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया जबकि उसके पूर्ववर्ती सम्राट में यह 5147.31 रुपए प्रति क्विंटल रहा था। इस बार सरकार ने चना का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 5875 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया है।
इसी तरह समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान मसूर का औसत थोक मंडी भाव 7245.51 रुपए प्रति क्विंटल से घटकर 6778.37 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। ज्ञात हो कि मसूर का न्यूनतम समर्थन मूल्य 7000 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि चना और मसूर- दोनों का ही थोक मंडी भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे आ गया है।
सरकार ने एमएसपी पर रबी कालीन दलहनों की खरीद आरंभ कर दी है जिससे इसकी कीमतों को कुछ समर्थन मिल सकता है। व्यापार विश्लेषकों का मानना है कि दलहनों के दाम में अब आगे ज्यादा गिरावट नहीं आएगी और बाजार कुछ समय तक स्थिर रहेगा।
आई ग्रेन इंडिया के डायरेक्टर राहुल चौहान का कहना है कि शिपिंग खर्च बढ़ने एवं रुपया का अवमूल्यन होने से दलहनों का आयात महंगा हो गया है और सरकारी एजेंसियों ने भी खरीदारी तेज कर दी है इसलिए बाजार पर दबाव पड़ने की संभावना बहुत कम है।
